रायसेन में दुर्लभ 'चौसिंगा' हिरण का शिकार, वन विभाग ने 12 बोर बंदूक और छुर्रों के साथ 4 शिकारियों को दबोचा

Raisen News: सुरई बीट के कर्मोंदिया तालाब के पास वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर दुर्लभ वन्यजीव चौसिंगा (चार सींगों वाले हिरण) का शिकार करते हुए चार शिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
Raisen Four Horned Antelope Poaching Case Four Arrested With 12 Bore Rifle
रायसेन में शिकारी गिरफ्तार (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Raisen Four Horned Antelope Poaching Case: मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में दुर्लभ वन्यजीव चौसिंगा (चार सींगों वाले हिरण) के शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सामान्य वन मंडल रायसेन के पूर्व परिक्षेत्र अंतर्गत सुरई बीट में वन विभाग की टीम ने शनिवार को ग्राम कर्मोंदिया तालाब के पास घेराबंदी कर चार शिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी रायसेन शहर के निवासी बताए जा रहे हैं, जिनमें दो सगे भाई शामिल हैं।

वन मंडल अधिकारी (DFO) प्रतिभा शुक्ला ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिलने के बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई की। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

आरोपियों से क्या-क्या बरामद हुआ?

वन विभाग की टीम ने आरोपियों के पास से 12 बोर की बंदूक, दो धारदार चाकू, दो मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। साथ ही मृत चौसिंगा का क्षत-विक्षत शव भी बरामद किया गया। अधिकारियों के मुताबिक मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।

गिद्धों ने खोला शिकार का बड़ा राज

मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि बरामद चौसिंगा का सिर गायब था। पूछताछ के दौरान आरोपी वन विभाग की टीम को लगातार गुमराह करते रहे। इसके बाद अधिकारियों ने जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाश के दौरान टीम की नजर आसमान में मंडरा रहे गिद्धों के झुंड पर पड़ी। शक होने पर जब अधिकारी वहां पहुंचे तो मौके से चौसिंगा का कटा हुआ सिर बरामद हुआ। इस खुलासे के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

हर एंगल से की जा रही जांच

वन विभाग अब इस एंगल से जांच कर रहा है कि आरोपी चौसिंगा के सींग और मांस की तस्करी किसी बड़े नेटवर्क के जरिए करने वाले थे या नहीं। रायसेन में हुई इस कार्रवाई को वन विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com