आग की अफवाह बनी 4 मौतों का कारण: रेलवे ने कहा- कोई आग नहीं लगी, चेन पुलिंग के बाद ट्रैक पर उतरने से गई जान

Patalkot Express Accident: मुरैना में उदयपुर इंटरसिटी में आग की खबर के बाद चेन पुलिंग हुई और यात्री ट्रैक पर उतर गए। दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से 4 लोगों की मौत हो गई। रेलवे ने आग को अफवाह बताया है।
Morena Train Accident Update
घटनास्थल की फोटो (सोर्स- नवभारत)
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Morena Train Accident Update: मुरैना जिले में उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से जुड़ा दर्दनाक रेल हादसा अब नए तथ्यों के साथ सामने आया है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की चर्चा के बीच रेलवे और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन में आग लगने की कोई घटना नहीं हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, आग की अफवाह और चेन पुलिंग के बाद कुछ यात्री ट्रेन से उतरकर दूसरे ट्रैक पर चले गए, जहां तेज रफ्तार पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक चार वर्षीय मासूम की मौत हो गई।

रविवार शाम करीब चार बजे उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस मुरैना से धौलपुर की ओर रवाना हुई थी। ट्रेन जब हेतमपुर स्टेशन के पास पहुंची, तभी किसी यात्री के मोबाइल में आग लगने या स्पार्किंग की खबर फैल गई। अफवाह के बीच किसी ने चेन पुलिंग कर दी, जिससे ट्रेन बीच ट्रैक पर रुक गई। इसके बाद कई यात्री घबराकर नीचे उतर गए और कुछ लोग दूसरी लाइन पर पहुंच गए।

पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आए यात्री

इसी दौरान धौलपुर की ओर से तेज गति से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस वहां पहुंच गई। दूसरे ट्रैक पर मौजूद तीन महिलाएं और चार वर्षीय बच्चा ट्रेन को समय रहते नहीं देख सके और उसकी चपेट में आ गए। हादसे में आगरा निवासी 35 वर्षीय आफरीन, उनका चार वर्षीय पुत्र असद खान, 60 वर्षीय शकुंतला परमार तथा राजस्थान के बीकानेर निवासी 60 वर्षीय विरमा देवी की मौके पर ही मौत हो गई।

रेलवे और GRP कर रही जांच

पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और करीब तीन से चार किलोमीटर तक ट्रैक की सघन तलाशी ली गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य व्यक्ति हादसे का शिकार न हुआ हो। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजन भी उसी ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। मामले की जांच रेलवे और जीआरपी के साथ समन्वय में की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई मोबाइल फटने की बात कर रहा है तो कोई स्पार्किंग की, लेकिन वास्तविक कारणों की पुष्टि रेलवे जांच के बाद ही हो सकेगी।

ट्रेन में आग लगने की बात अफवाह

वहीं झांसी रेल मंडल के डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने स्पष्ट किया कि ट्रेन में आग लगने की बात केवल अफवाह है। उन्होंने बताया कि इंटरसिटी एक्सप्रेस में चेन पुलिंग हुई थी, जिसके बाद कुछ यात्री नीचे उतर गए। घटनास्थल पर 1.8 डिग्री का कर्व होने के कारण पातालकोट एक्सप्रेस के लोको पायलट ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन ट्रेन की गति अधिक होने से हादसा टाला नहीं जा सका।

आग या तकनीकी खराबी की जानकारी नहीं मिली

डीआरएम ने यह भी बताया कि रेलवे को अब तक आग या तकनीकी खराबी से संबंधित कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक महिला द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की सूचना मिली है और उसी के साथ कुछ लोग ट्रेन से नीचे उतर गए थे। उन्होंने कहा कि जनरल कोच में सामान्य रूप से 120 से 140 यात्री सफर कर रहे थे और किसी प्रकार की आग या तकनीकी खराबी के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।

ट्रेनों का संचालन हुआ प्रभावित

हादसे के बाद पुलिस, आरपीएफ और रेलवे प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य चलाया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मुरैना जिला अस्पताल भेजा गया। कुछ समय के लिए मुरैना-धौलपुर रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा, जिसे बाद में ट्रैक सुरक्षित घोषित होने के बाद बहाल कर दिया गया। अब रेलवे इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है कि आखिर अफवाह कैसे फैली और चेन पुलिंग की परिस्थितियां क्या थीं।

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