मध्य प्रदेश हाई कोर्ट फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
जबलपुर

MP के 70 हजार शिक्षकों को सेवा लाभ की उम्मीद, हाईकोर्ट ने सरकार को 4 हफ्ते में आदेश पालन के दिए निर्देश

MP Teachers High Court Case : MP के 70 हजार शिक्षकों से जुड़े सेवा लाभ मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह में पूर्व आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।

पवन पटेल, प्रीतेश जैन

Madhya Pradesh Teachers News : मध्य प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों के लिए सेवा लाभ से जुड़े मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पूर्व आदेश के पालन के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। मामला संविलियन से पहले की सेवा को पहली नियुक्ति की तारीख से जोड़कर सेवा लाभों की गणना किए जाने से संबंधित है।

मामले की शुरुआत 497 शिक्षकों की याचिका से हुई थी। शिक्षकों ने मांग की थी कि संविलियन से पहले की उनकी सेवा को पहली नियुक्ति की तारीख से माना जाए। उनका तर्क था कि पहली नियुक्ति से चली आ रही सेवा अवधि को वरिष्ठता और अन्य सेवा लाभों की गणना में शामिल किया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट में सरकार की SLP खारिज

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षकों के पक्ष में आदेश दिया था, जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने 24 अगस्त 2026 को सरकार की SLP खारिज कर दी। इसके बाद शिक्षकों की ओर से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर पूर्व आदेश के पालन की मांग की गई।

सरकार को चार सप्ताह की मोहलत

अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने पूर्व आदेश के अनुपालन के लिए समय मांगा। हाईकोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह की मोहलत दी है। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी। सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक खोट की एकलपीठ में हुई।

वरिष्ठता और पेंशन पर पड़ सकता है असर

यदि शिक्षकों की सेवा की गणना पहली नियुक्ति की तारीख से की जाती है, तो इसका असर वरिष्ठता, वेतन निर्धारण, वेतनवृद्धि और पेंशन जैसे सेवा लाभों पर पड़ सकता है। हालांकि वास्तविक वित्तीय लाभ प्रत्येक शिक्षक की नियुक्ति तिथि, सेवा अभिलेख और लागू वेतन नियमों के आधार पर तय होगा।

15 से 20 हजार रुपये वेतन बढ़ने का दावा

शिक्षक संगठनों का दावा है कि पूर्व सेवा अवधि जुड़ने से कुछ शिक्षकों के वेतन में प्रतिमाह करीब 15 से 20 हजार रुपए तक का अंतर आ सकता है। पुराने वेतनमान से जुड़े एरियर का लाभ मिलने की बात भी कही जा रही है। हालांकि यह राशि सभी शिक्षकों के लिए समान नहीं होगी और अंतिम लाभ सरकार के आदेश व संबंधित सेवा रिकॉर्ड के आधार पर तय होगा।

अब सरकार के अनुपालन पर नजर

फिलहाल हाईकोर्ट के चार सप्ताह के निर्देश के बाद शिक्षकों की नजर मध्य प्रदेश सरकार के अगले कदम पर है। अगली सुनवाई में सरकार को पूर्व न्यायिक आदेश के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। इसके बाद यह तय होगा कि सेवा की गणना और उससे जुड़े लाभों को लेकर आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है।

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