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जबलपुर के गढ़ा फाटक क्षेत्र में दशहरा घूमने आए आकाश चौधरी की पुलिस हिरासत के दौरान मौत हुई।
मृतक के भाई विवेक चौधरी ने पुलिस पर मारपीट और गाली-गलौज के आरोप लगाए।
पुलिस का दावा है कि तबीयत बिगड़ने पर आकाश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शहपुरा में हाईवे पर चक्काजाम किया।
एसडीएम ने निष्पक्ष जांच और 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
Jabalpur Police Custody Death : जबलपुर में दशहरा घूमने आए एक युवक की पुलिस हिरासत के दौरान मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान शहपुरा भमकी निवासी आकाश चौधरी के रूप में हुई है। वह अपने भाई विवेक चौधरी के साथ बाइक से गढ़ा फाटक स्थित माता महाकाली के दर्शन करने पहुंचा था।
मोबाइल से वीडियो बनाने के दौरान पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर लॉर्डगंज थाने पहुंचाया था। युवक की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है।
जानकारी के अनुसार, आकाश चौधरी अपने भाई विवेक के साथ दशहरा घूमने और माता महाकाली के दर्शन करने जबलपुर आया था। दोनों गढ़ा फाटक क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान मोबाइल से वीडियो बनाने के दौरान पुलिस ने आकाश को हिरासत में ले लिया और उसे लॉर्डगंज थाने ले गई। इसके बाद हिरासत के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने और मौत होने की जानकारी सामने आई।
आकाश के भाई विवेक चौधरी ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिस ने दोनों भाइयों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। विवेक के मुताबिक, पुलिस ने सुबह आकाश को छोड़ने की बात कहकर उसे भेज दिया था, लेकिन बाद में उसे भाई की मौत की सूचना मिली। घटना के बाद परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जबलपुर पुलिस के मुताबिक, दशहरा पर्व के दौरान गढ़ा फाटक क्षेत्र में भीड़ के बीच अभद्रता और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत मिली थी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को आकाश नशे की हालत में नजर आया, जिसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से उसे थाने में बैठाया गया था। पुलिस का कहना है कि बाद में उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे एफआरवी वाहन से निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हिरासत के दौरान मारपीट किए जाने के आरोपों से इनकार किया है।
आकाश की मौत के बाद सुबह उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिजनों ने शहपुरा में हाईवे पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर एसडीएम पीयूष दुबे मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
पुलिस हिरासत में मौत के मामले में मृतक के भाई विवेक चौधरी ने अपनी शिकायत और आरोप सामने रखे हैं। वहीं, सीएसपी अखिलेश गौर ने पुलिस का पक्ष रखा और हिरासत में मारपीट के आरोपों को खारिज किया। एसडीएम पीयूष दुबे ने प्रशासन की ओर से जांच और आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया है। युवक की मौत के मामले में परिजनों के आरोप और पुलिस के पक्ष की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है।