Train Signal Cable Theft Jabalpur: जबलपुर में चोरों की करतूत ने रेलवे के सिग्नल सिस्टम को कई घंटे तक प्रभावित कर दिया। यार्ड के पास सिग्नल बॉक्स से केबल चोरी होने के कारण चार ट्रेनों को निर्धारित समय पर सिग्नल नहीं मिल सका। करीब तीन से चार घंटे तक रेलवे अधिकारी लगातार सिग्नल देने की कोशिश करते रहे, लेकिन सिस्टम काम नहीं कर रहा था।
जब रेलवे कंट्रोल रूम में यार्ड के पास दो युवकों की गतिविधियां दिखाई दीं, तब मामले की असल वजह सामने आई। जांच में पता चला कि सिग्नल बॉक्स से केबल काटकर चोरी कर ली गई थी।
सीसीटीवी फुटेज की जांच में चोरी की वारदात सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। आरपीएफ ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में गाजीपुर निवासी असलम अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसने अपने भाई अकबर अंसारी और साथी जप्पू नाटी के साथ मिलकर सिग्नल केबल चोरी की थी। चोरी की गई केबल को रेलवे यार्ड में ट्रैक के किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखा गया था। आरपीएफ ने आरोपी की निशानदेही पर केबल बरामद कर ली।
सिग्नल केबल चोरी होने से जबलपुर-रीवा एक्सप्रेस, एलटीटी-राजगीर एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-जबलपुर एक्सप्रेस और लखनऊ-यशवंतपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस का संचालन प्रभावित हुआ। सिग्नल नहीं मिलने के कारण ट्रेनों को आगे बढ़ाने में परेशानी हुई और यात्री भी काफी देर तक परेशान रहे। रेलवे के तकनीकी विभाग ने स्थिति को संभालते हुए जल्द ही दूसरी केबल लगाकर सिग्नल सिस्टम को दोबारा चालू किया। इसके बाद प्रभावित ट्रेनों को सुरक्षित तरीके से रवाना किया गया।
आरपीएफ ने असलम अंसारी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ रेलवे संपत्ति से जुड़ी चोरी के मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं उसके भाई अकबर अंसारी और साथी जप्पू नाटी की तलाश की जा रही है। पुलिस और आरपीएफ आरोपियों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। रेलवे यार्ड जैसे संवेदनशील क्षेत्र से सिग्नल केबल चोरी होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। सिग्नल सिस्टम में छेड़छाड़ से न केवल ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती थी। ऐसे में रेलवे की ओर से यार्ड और सिग्नल उपकरणों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत सामने आई है।