जबलपुर हाई कोर्ट (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
जबलपुर

जबलपुर: नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े में छात्रों को राहत, हाईकोर्ट ने परीक्षा और रिजल्ट को लेकर दिए अहम निर्देश

MP High Court On Nursing College Scam: एमपी नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े में 2935 छात्रों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, अनसुटेबल कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में शामिल करने और रुके रिजल्ट घोषित करने का आदेश।

पवन पटेल, सजल रघुवंशी

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में 2935 छात्रों को बड़ी राहत मिली है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अनसुटेबल कॉलेजों के जीएनएम पाठ्यक्रम में अध्ययनरत इन छात्रों को आगामी परीक्षा में शामिल करने और पूर्व में रोके गए परीक्षा परिणाम जारी करने के निर्देश दिए हैं।

मामले की सुनवाई जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की डबल बेंच में हुई। याचिका में छात्रों की ओर से कहा गया था कि नर्सिंग कॉलेजों की सीबीआई जांच के बाद जिन संस्थानों को सूटेबल पाया गया, वहां के छात्रों को परीक्षा से वंचित किया गया और उनके परीक्षा परिणाम भी घोषित नहीं किए गए।

जल्द जारी हो सकता है वार्षिक कैलेंडर

छात्रों की इसी परेशानी को देखते हुए हाईकोर्ट ने 2935 विद्यार्थियों के हित में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट के आदेश से लंबे समय से परीक्षा और परिणाम का इंतजार कर रहे छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है। हाईकोर्ट से दिशा निर्देश मिलने के बाद यह उम्मीद भी बढ़ गई है कि आने वाले कुछ दिनों में ही वार्षिक कैलेंडर घोषित हो सकता है जिससे छात्रों की परीक्षा और रुके हुए परिणामों की घोषणा हो सकती है।

ग्वालियर चंबल के छात्रों को करना होगा इंतजार

इस मामले में ग्वालियर-चंबल संभाग के छात्रों को फिलहाल इस आदेश का सीधा लाभ नहीं मिला है। इस क्षेत्र के नर्सिंग कॉलेजों को लेकर सीबीआई जांच में फैकल्टी डुप्लीकेसी से जुड़े पहलू की जांच नहीं होने के कारण मामला अभी उलझा हुआ है। कोर्ट ने ऐसे आवेदकों को सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरण के साथ आवेदन करने की सुविधा दी है। साथ ही कोर्ट की ओर से कहा गया है कि जांच पूरी होने और रिपोर्ट सामने आने के बाद उसके आधार पर छात्रों को परीक्षा में शामिल करने की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है।

कोविड काल में अचानक खुल गए थे सैकड़ों नए नर्सिंग कॉलेज

गौरतलब है कि कोविड महामारी के दौरान वर्ष 2021 में मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में नर्सिंग कॉलेज खुले थे। आरोपों और जांच के दौरान प्रदेश के करीब 800 नर्सिंग कॉलेजों में से लगभग 600 कॉलेजों को अनियमितताओं के चलते फर्जी या अनुपयुक्त पाया गया था। इसके बाद हजारों नर्सिंग छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया था।

सुप्रीम कोर्ट से बंधी उम्मीद

अब हाईकोर्ट के ताजा निर्देश से 2935 छात्रों को परीक्षा में शामिल होने और रोके गए परिणाम जारी होने की राह खुल गई है। वहीं ग्वालियर- चंबल संभाग के छात्रों को अपनी स्थिति स्पष्ट होने के लिए जांच रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के नतीजे का इंतजार करना होगा।

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