जबलपुर खंडपीठ, हाईकोर्ट (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
जबलपुर

जबलपुर: राज्यपाल को हटाने की मांग वाली याचिका खारिज, नई नियुक्ति तक पद पर रहेंगे मंगू भाई पटेल

High Court On Governor Removal Petition: राज्यपाल मंगू भाई पटेल को हटाने की याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से खारिज, जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने अनुच्छेद 156(3) का दिया हवाला।

पवन पटेल, सजल रघुवंशी

Petition Of Removal of Governor Dismissed MP: मध्य प्रदेश के राज्यपाल का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें पद से हटाने और नए राज्यपाल की नियुक्ति की मांग को लेकर दायर याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डबल बेंच में गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने संविधान की विभिन्न धाराओं और प्रावधानों की जानकारी सामने रखी।

जिसके बाद कोर्ट ने संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि उत्तराधिकारी के पदभार संभालने तक मौजूदा राज्यपाल पद पर बने रह सकते हैं।

रिटायर्ड प्रोफेसर ने दायर की थी याचिका

मामला मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल से जुड़ा है। जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर की ओर से याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि राज्यपाल मंगू भाई पटेल का कार्यकाल 7 जुलाई 2026 को पूरा हो चुका है। ऐसे में प्रदेश में नए राज्यपाल की नियुक्ति की जानी चाहिए। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 153 का हवाला देते हुए राज्य में राज्यपाल का पद सुनिश्चित करने की मांग की गई थी। साथ ही नए राज्यपाल की नियुक्ति होने तक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को कार्यवाहक राज्यपाल की जिम्मेदारी देने की मांग भी रखी गई थी।

कोर्ट ने धारा 156(3) का उल्लेख कर सुनाया फैसला

मामले की सुनवाई जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की खंडपीठ ने की। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 156(3) का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यपाल अपने उत्तराधिकारी के पदभार ग्रहण करने तक पद पर बने रह सकते हैं। यानी केवल कार्यकाल पूरा होने से राज्यपाल का पद स्वतः रिक्त नहीं हो जाता। हाईकोर्ट ने याचिका को गलत धारणा पर आधारित मानते हुए इसे खारिज कर दिया। साथ ही नए राज्यपाल की तत्काल नियुक्ति को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किया।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्यपाल मंगू भाई पटेल की संवैधानिक स्थिति हुई स्पष्ट

एमपी हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल राज्यपाल मंगू भाई पटेल के पद पर बने रहने की संवैधानिक स्थिति स्पष्ट हो गई है। अदालत ने माना कि राज्यपाल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी उत्तराधिकारी के कार्यभार संभालने तक वह जिम्मेदारी निभा सकते हैं। ऐसे में केवल कार्यकाल समाप्त होने के आधार पर नए राज्यपाल की नियुक्ति या किसी अन्य व्यक्ति को अंतरिम जिम्मेदारी सौंपने की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता। फैसले के साथ ही इस मामले में तत्काल नियुक्ति की मांग पर विराम लग गया।

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