MP High Court RTO Check Post Stay: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश में बंद पड़े परिवहन (आरटीओ) चेक पोस्टों को फिर से शुरू करने संबंधी अपने पहले दिए गए आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत के इस फैसले के बाद परिवहन विभाग और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों के बीच हलचल बढ़ गई है, जबकि ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों ने इसे राहत भरा निर्णय बताया है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच ने 16 अप्रैल 2026 को अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि बंद पड़े सभी परिवहन चेक पोस्ट 30 दिन के भीतर दोबारा शुरू किए जाएं। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने यह आदेश जनहित याचिका और ओवरलोडिंग पर नियंत्रण से जुड़े मामले में सुनाया था।
दरअसल, अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि 30 जून 2024 को जारी किया गया चेक पोस्ट बंद करने संबंधी सरकारी फैसला, कोर्ट में पहले दिए गए आश्वासन और वर्ष 2018 के स्थगन आदेश के विपरीत है। कोर्ट ने यह भी माना था कि सड़क सुरक्षा बनाए रखने, ओवरलोडिंग पर रोक लगाने और परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए चेक पोस्ट अहम भूमिका निभाते हैं।
अब हाई कोर्ट ने अपने ही पूर्व आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके चलते चेक पोस्टों को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया फिलहाल थम गई है। बताया जा रहा है कि यह फैसला सरकार या संबंधित पक्षों की ओर से दायर याचिका पर लिया गया। मामले में राजधानी भोपाल के ट्रांसपोर्टर अमन भोंसले द्वारा दायर रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई के दौरान अदालत ने यह स्टे ऑर्डर जारी किया।
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प्रदेश में 1 जुलाई 2024 से सभी अंतरराज्यीय परिवहन चेक पोस्ट बंद कर दिए गए थे। सरकार का कहना था कि इस फैसले से ट्रांसपोर्ट कारोबार को सहूलियत मिलेगी और अनावश्यक जांच-पड़ताल की प्रक्रिया कम होगी। वहीं, परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने अप्रैल के आखिर में कहा था कि राज्य सरकार हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने की तैयारी कर रही है और इस संबंध में कानूनी राय ली जा रही है।