Jabalpur Bargi Cruise Accident High Court Hearing: बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे को लेकर मंगलवार, 12 मई को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई जबलपुर स्थित मुख्य पीठ में चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने की। इस दौरान क्रूज हादसे से संबंधित दायर तीन अलग-अलग जनहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, यह तीन याचिका भोपाल निवासी कमल कुमार राठी, जबलपुर की पुष्पा तिवारी और नानाजी देशमुख यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर जी.पी. मिश्रा द्वारा दायर की गईं है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट के सामने महत्वपूर्ण जानकारी पेश की। सरकार की ओर से बताया गया कि 1 मई 2026 को जारी आदेश के तहत पूरे मध्य प्रदेश में बोट क्लब और क्रूज संचालन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। सरकार ने अदालत को यह भी अवगत कराया कि मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के तहत प्रदेशभर के बोट क्लबों और क्रूज सेवाओं का विस्तृत ऑडिट कराया जाएगा। साथ ही सुरक्षा इंतजामों और संचालन से जुड़े मानकों की भी जांच की जाएगी, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य सांघी, हरप्रीत सिंह गुप्ता और गोपेश तिवारी ने कोर्ट के समक्ष हादसे में हुई लापरवाही के कई गंभीर मुद्दे उठाए। वकीलों ने दलील दी कि दुर्घटना के समय लाइफ जैकेट बंद रखी गई थीं और जरूरत पड़ने पर यात्रियों को समय पर उपलब्ध नहीं कराई गईं। इसके अलावा क्रूज संचालन और सुरक्षा व्यवस्थाओं में भी भारी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया, जिसे लेकर अदालत के सामने विस्तृत पक्ष रखा गया।
राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले की विस्तृत जांच के लिए एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया गया है। इस जांच समिति की अध्यक्षता जस्टिस संजय द्विवेदी कर रहे हैं। समिति हादसे (Jabalpur Bargi Cruise Accident) के कारणों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और संभावित लापरवाही की जांच करेगी।