Gyanesh Kumar Voter List Allegation: इंदौर में कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने चुनाव आयोग और मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा, सज्जन सिंह वर्मा ने राहुल गांधी के बालाघाट दौरे को लेकर भी सरकार पर तंज कसा। इंदौर में कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के जरिए बीजेपी को फायदा पहुंचाया गया। वर्मा ने अपने आरोपों के समर्थन में हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के चुनावों का भी जिक्र किया।
सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार नरेंद्र मोदी के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग को लेकर सवाल उठाते रहे हैं और अब उनकी बातें सही साबित हो रही हैं। वर्मा ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राष्ट्रविरोध का मुकदमा चलाने की मांग तक कर दी। वर्मा ने कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो नरेंद्र मोदी को इस्तीफा देना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की मांगें नहीं मानी गईं तो पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
सज्जन सिंह वर्मा ने राहुल गांधी के बालाघाट दौरे को लेकर भी मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष किसी राज्य में जाकर सरकार की नीतियों और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाता है तो इसे पाखंड कहना उचित नहीं है। वर्मा के मुताबिक राहुल गांधी बालाघाट दौरे के दौरान सरकार के विकास मॉडल से जुड़े सवाल जनता के सामने रख रहे हैं।
सरकार के विकास और जीडीपी से जुड़े दावों पर तंज कसते हुए वर्मा ने मध्य प्रदेश में कुपोषण, जहरीली शराब और दूषित पानी से होने वाली मौतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि लोग जहरीली शराब से मर रहे हैं, दूषित पानी से मौतें हो रही हैं और बच्चे कुपोषण का शिकार हैं, तो विकास की जमीनी तस्वीर को भी इसी नजरिए से देखना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि विकास का आकलन केवल जीडीपी और आर्थिक आंकड़ों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। आम लोगों की जिंदगी, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी विकास का महत्वपूर्ण पैमाना है। इस दौरान सज्जन सिंह वर्मा ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के साथ ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई और राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के जरिए सरकार के विकास संबंधी दावों पर निशाना साधा।