शहर के आदर्श मार्ग पर लगाए गए पोस्टर (फोटो सोर्स - नवभारत ) 
इंदौर

श्याम टेलर के दौरे से पहले बैनर-पोस्टरों से पटा इंदौर, शहर की खूबसूरती पर लगा राजनीतिक रंग

Politics Over Banner Posters In Indor:बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के इंदौर दौरे से पहले शहरभर में लगे बैनर-पोस्टरों ने स्वच्छ और सुंदर इंदौर की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अंशुल मुकाती

Indore Banner Poster Politics: इंदौर शहर देश में स्वच्छता में नम्बर वन है, इसलिए यहाँ के जनप्रतिनिधियों ने यह निर्णय ले रखा है की कभी भी शहर में रैली और जन्मदिन पर बैनर पोस्टर नही लगाये जायेंगे, लेकिन भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओ ने उस निर्णय को ही दरकिनार कर दिया है, शहर में लगाये गए बैनर पोस्टर अब चर्चा का विषय बन गए है।

इंदौर की सुंदरता पर बैनर-पोस्टरों का बोझ

देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान बना चुके इंदौर में एक बार फिर राजनीतिक बैनर-पोस्टरों की भरमार चर्चा का विषय बन गई है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के पहले इंदौर दौरे और प्रस्तावित साइकिल रैली से पहले शहर के कई प्रमुख चौराहों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं। इससे शहर की सुंदरता और स्वच्छ छवि पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

पद की दौड़ में पोस्टर पॉलिटिक्स

जानकारी के अनुसार, युवा मोर्चा में पदाधिकारी बनने के इच्छुक नेताओं और विभिन्न जनप्रतिनिधियों के समर्थकों ने अपने-अपने बैनर और स्वागत पोस्टर शहरभर में लगा दिए हैं। राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन की इस होड़ ने कई इलाकों को पोस्टर जोन में तब्दील कर दिया है।

निगम की गाइडलाइन पर उठे सवाल

इंदौर नगर निगम की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर बैनर-पोस्टर लगाने के लिए निर्धारित नियम और अनुमति प्रक्रिया लागू है। ऐसे में शहरभर में दिखाई दे रहे पोस्टरों को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या सभी पोस्टर तय नियमों के तहत लगाए गए हैं। यह मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि निगम में भी बीजेपी की ही परिषद है।

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नगर अध्यक्ष ने भी माना, 'बाढ़ जैसे हालात'

कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बीजेपी कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने भी मंच से स्वीकार किया कि युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने पूरे शहर में बड़ी संख्या में बैनर-पोस्टर लगाए हैं और स्थिति ऐसी लग रही है जैसे पोस्टरों की बाढ़ आ गई हो। उन्होंने कार्यकर्ताओं से निगम की अनुमति लेकर ही पोस्टर लगाने की अपील की, हालांकि बाद में उन्होंने दावा किया कि पोस्टर नियमों के तहत लगाए गए हैं।लेकिन सवाल यह खड़े हो रहे है की सरकारी सम्पति पर बैनर पोस्टर लगाने पर निगम में अनुमति कब से दी जाने लगी।

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