Pardeshipura Father Kills Daughter: इंदौर में इंसानियत को झकझोर देने वाले एक सनसनीखेज मामले में अदालत ने अपनी ही नाबालिग बेटी की हत्या करने वाले पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी ने बेटी के चरित्र पर शक करते हुए उसका गला घोंट दिया और सबूत मिटाने के लिए शव को घर में रखे एक ड्रम में बंद कर दिया।
यह दिल दहला देने वाली घटना 27 नवंबर 2018 की है, जो परदेशीपुरा थाना क्षेत्र के फिरोज गांधी नगर में हुई थी। शिकायतकर्ता सुदामा बाई ने पुलिस को बताया था कि वह अपने पति बबलेश, बेटी रानी और बेटे अंकुश के साथ किराए के मकान में रहती थीं। घटना वाली रात जब वह घर लौटीं, तो आरोपी पति ने बेटी के बारे में भ्रामक जानकारी दी। इसके बाद उसने अचानक पत्नी के चरित्र पर शक जताते हुए विवाद शुरू कर दिया और यहां तक आरोप लगा दिया कि बेटी भी इस कथित मामले में उसका साथ दे रही थी।
विवाद इस कदर बढ़ गया कि आरोपी ने कुल्हाड़ी से पत्नी पर हमला करने की कोशिश की। पत्नी ने विरोध किया तो उसने पहले से तैयार जहर पिलाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहने पर खुद ही जहर निगल लिया और जहरीली गोलियां खा लीं। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए एमवाय अस्पताल ले गए।
अस्पताल में इलाज के दौरान जब बेटी के बारे में पूछताछ हुई, तो आरोपी टूट गया और उसने खुद ही अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि रानी की हत्या करने के बाद उसने शव को घर में रखे एक ड्रम में छिपा दिया है। यह जानकारी मिलते ही परिजन तुरंत घर पहुंचे। कमरे में रखे ड्रम को खोलकर देखा तो अंदर बच्ची का शव बरामद हुआ। उसके गले में गमछा कसकर बंधा था, जिससे साफ हुआ कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी।
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मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस सबूतों और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी का अपराध सिद्ध किया। इसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश शुभ्रा सिंह की अदालत ने 29 अप्रैल को उसे दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक योगेश जायसवाल ने प्रभावी पैरवी की।