Khajrana Ganesh Temple Donation Counting : इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में करीब साढ़े तीन महीने से बंद दान पेटियों को खोलकर चढ़ावे की गिनती शुरू कर दी गई है। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद देशभर के प्रमुख मंदिरों में दान राशि की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ी है। इसी के चलते खजराना गणेश मंदिर में भी इस बार चढ़ावे की गिनती कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई जा रही है।
मंदिर में 40 से अधिक दान पेटियां हैं। इनमें से अब तक 25 से ज्यादा पेटियां खोली जा चुकी हैं। इन पेटियों से दो दिनों की गिनती में करीब 72 लाख रुपए से अधिक की नकदी सामने आ चुकी है। मंदिर प्रबंधन के मुताबिक बाकी दान पेटियों को भी क्रमवार खोला जा रहा है। पूरी गिनती की प्रक्रिया पूरी होने में करीब 5 से 6 दिन का समय लग सकता है।
दान पेटियों को खोलने से लेकर राशि की गिनती और बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। गिनती स्थल पर 5 सुरक्षा गार्ड और 4 सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। पेटियां खोलने से पहले गिनती में शामिल कर्मचारियों की जांच की जा रही है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है, ताकि चढ़ावे की गिनती में पारदर्शिता बनी रहे।
गिनती के लिए कोषालय, बैंक और नगर निगम के कर्मचारियों सहित करीब 25 लोगों की टीम लगाई गई है। टीम दान पेटियों से निकलने वाली नकदी और अन्य सामग्री को अलग-अलग कर रही है। गिनती पूरी होने के बाद प्राप्त राशि को अधिकृत बैंक खाते में जमा कराया जा रहा है। मंदिर प्रबंधन के अधिकारी पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।
दान पेटियों से सिर्फ नकदी ही नहीं, बल्कि कई तरह की वस्तुएं भी मिली हैं। इनमें चांदी की गणेश प्रतिमा, करीब 10 ग्राम के चांदी के सिक्के और स्मार्ट वॉच शामिल हैं। इसके अलावा करीब 10 साल पहले बंद हो चुके 1000 रुपए के पुराने नोट भी चढ़ावे में मिले हैं। इन सभी वस्तुओं को भी प्रक्रिया के तहत अलग कर सुरक्षित रखा जा रहा है।
मंदिर प्रबंधन के मुताबिक चढ़ावे की गिनती के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट, मंदिर प्रबंधक और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य घनश्याम शुक्ला ने भी गिनती स्थल पर व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बाकी दान पेटियों की गिनती पूरी होने के बाद मंदिर में प्राप्त कुल चढ़ावे की तस्वीर साफ होगी।