

Morena Magistrate Checking : मुरैना शहर में कई साल बाद हुई मजिस्ट्रेट चेकिंग से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। जिला न्यायालय के न्यायाधीशों ने सड़क पर बैठकर करीब चार घंटे तक वाहनों की जांच की। इस दौरान बिना नंबर के वाहन, नंबर प्लेट से छेड़छाड़, अवैध हूटर, काली फिल्म और दस्तावेजों में कमी पाए जाने पर कार्रवाई की गई। चेकिंग के दौरान नगर निगम सभापति राधारमण डंडौतिया की फार्चूनर भी पकड़ी गई। वाहन में अवैध हूटर लगा होने पर उसे मौके पर उतरवाया गया और 2500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। कुल 28 वाहनों पर चालानी कार्रवाई करते हुए करीब 80 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया।
जानकारी के मुताबिक, मुरैना शहर के पुराने बस स्टैंड और राधिका पैलेस चौराहे पर मजिस्ट्रेट चेकिंग की गई। जिला न्यायालय के सीजेएम अजय सिंह की अगुआई में करीब आधा दर्जन न्यायाधीश सड़क किनारे टेंट लगाकर वाहनों की जांच करते नजर आए। कार्रवाई में कोतवाली, स्टेशन रोड और यातायात थाने की पुलिस टीमों के साथ करीब 40 से 50 पुलिसकर्मी तैनात रहे।
मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान बिना नंबर के चार पहिया वाहन, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने वाले वाहन और अवैध हूटर लगे वाहनों को रोका गया। इसके अलावा शीशों पर काली फिल्म लगाकर चलने वाले वाहन भी पकड़े गए। कई वाहनों से मौके पर ही काली फिल्म उतरवाई गई। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। अलग-अलग मामलों में 2 हजार से 5 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों की निगरानी में हुई इस कार्रवाई के चलते वाहन चालकों में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
चेकिंग के दौरान नगर निगम सभापति राधारमण डंडौतिया की फार्चूनर को भी रोका गया। जांच में उनकी गाड़ी पर अवैध तरीके से हूटर लगा मिला। न्यायाधीशों के निर्देश पर वाहन को मौके पर खड़ा करवाया गया और हूटर उतरवाया गया। इसके बाद वाहन पर 2500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई के बाद सभापति अपनी फार्चूनर छोड़कर बाइक से घर रवाना हो गए। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ महापौर की गाड़ी भी थी, लेकिन विपक्ष में होने के कारण उनकी गाड़ी को रोका गया, जबकि महापौर की गाड़ी को जाने दिया गया। हालांकि, उनकी गाड़ी में नियमों का उल्लंघन पाए जाने के बाद मजिस्ट्रेट चेकिंग में चालानी कार्रवाई की गई।
मजिस्ट्रेट चेकिंग का असर शहर के ट्रैफिक पर भी देखने को मिला। चेकिंग स्थल की ओर आने वाले कई वाहन चालक दूर से ही वापस लौट गए। एमएस रोड पर आमतौर पर जाम का कारण बनने वाले ई-रिक्शा भी कार्रवाई के दौरान सड़कों से काफी हद तक गायब नजर आए। वहीं कई दोपहिया वाहन चालकों ने मुख्य मार्ग की जगह कॉलोनी और मोहल्लों की सड़कों का रास्ता पकड़ लिया। लंबे समय बाद हुई मजिस्ट्रेट चेकिंग के कारण शहर में दिनभर कार्रवाई की चर्चा बनी रही।
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करीब चार घंटे चली कार्रवाई में कुल 28 वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई और करीब 80 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। इस दौरान अवैध हूटर, काली फिल्म और नंबर प्लेट से छेड़छाड़ जैसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी गई। मजिस्ट्रेट चेकिंग की इस कार्रवाई को यातायात नियमों के पालन और वाहन चालकों में कानून का डर कायम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।