

Ujjain Rajlakshmi Elephant: इंदौर के राजनगर क्षेत्र में 26 जुलाई को ऑटो चालक विजय होलकर की मौत के बाद चर्चा में आई 26 वर्षीय मादा हाथी 'राजलक्ष्मी' को अब वापस उज्जैन लाया गया है। हाथी के उज्जैन पहुंचने के बाद लोगों में उसे देखने की उत्सुकता है, वहीं हादसे को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। आश्रम प्रबंधन का कहना है कि हादसे के बाद वन विभाग की सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने और आवश्यक अनुमति मिलने के बाद ही हाथी को उज्जैन लाया गया है।
निर्मोही अखाड़े के व्यवस्थापक ने बताया कि राजलक्ष्मी पूरी तरह स्वस्थ है और उसके सभी दस्तावेज, माइक्रोचिप तथा अन्य आवश्यक रिकॉर्ड विधिवत दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि हाथी को वापस लाने से पहले वन विभाग की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया। फिलहाल उसे आश्रम परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया है।
आश्रम प्रबंधन का दावा है कि इंदौर में हुई घटना के दौरान मृतक विजय होलकर को कई बार हाथी राजलक्ष्मी से दूरी बनाए रखने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसने बात नहीं मानी। व्यवस्थापक के अनुसार, युवक के शरीर से शराब की गंध आने के कारण हाथी उत्तेजित हो गई थी और इसी दौरान हादसा हुआ। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और घटना की परिस्थितियों को लेकर संबंधित एजेंसियों की जांच और रिकॉर्ड ही अंतिम आधार होंगे।
प्रबंधन का कहना है कि राजलक्ष्मी पहले भी हैदराबाद में एक फिल्म की शूटिंग में शामिल हो चुकी है, जहां बड़ी संख्या में लोगों के बीच रहने के बावजूद कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। उनका कहना है कि हाथी स्वभाव से शांत है और उसे किसी प्रकार की मानसिक या शारीरिक समस्या नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से उसे जंजीर से बांधकर रखा जाता है, ताकि वह अनजाने में कहीं निकलकर किसी प्रकार की दुर्घटना का कारण न बने।
ये भी पढ़ें : गरिमा अभियान: स्कूल-कॉलेजों के बाहर पुलिस की चेकिंग, छात्राओं से छेड़छाड़ करने वालों पर कार्रवाई
राजलक्ष्मी के उज्जैन पहुंचने के बाद आश्रम में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रबंधन ने श्रद्धालुओं और आगंतुकों से अपील की है कि वे हाथी के पास जाने या उसे कुछ भी खिलाने से पहले महावत और आश्रम प्रबंधन के निर्देशों का पालन करें। उनका कहना है कि सुरक्षा नियमों का पालन करने से इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है।