Kailash Vijayvargiya Statement: नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने धरना-प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि समाज को ऐसे आंदोलनों के पीछे की सच्चाई को समझने की जरूरत है। इंदौर में विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी ताकतें युवाओं के कंधे का इस्तेमाल कर देश को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि धरना स्थल पर लगातार पिज्जा, बर्गर और कोल्ड ड्रिंक पहुंच रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि यह सब कौन भेज रहा था, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल लोगों और वहां लगे नारों को देखकर भी काफी कुछ समझा जा सकता है।
मंत्री विजयवर्गीय ने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टियों पर हमला बोलते हुए कहा कि ये दल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अपनी जीत बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को तत्कालिक खुशी मनानी है तो मना सकता है, लेकिन देश को इस पूरे मामले की गंभीरता को समझना होगा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक और पंजाब में सामने आए पेपर लीक मामलों को लेकर विपक्ष के पास कोई जवाब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे पर चयनात्मक राजनीति कर रहा है।
कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि यह एक संगठित समूह है, जो बिहार चुनाव में हार के बाद से निराश है और केंद्र की मोदी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने बच्चों और युवाओं को अपने उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया।
विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि राजनीति देशहित के लिए होनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के विदेश दौरों का जिक्र करते हुए कहा कि विदेश जाकर देश की आलोचना करना राजनीति नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के लोगों को ऐसे आंदोलनों के वीडियो देखने चाहिए, जिससे पता चल सके कि वहां कौन लोग शामिल थे और किस तरह के नारे लगाए गए।
ये भी पढ़ें : ओंकारेश्वर हादसे पर कांग्रेस का हमला, मासूम की मौत के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ठहराया जिम्मेदार
नीट पेपर लीक मामले में विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है, वहीं कैलाश विजयवर्गीय के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। फिलहाल विपक्ष की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।