इंदौर के पालदा में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम के सामने कांग्रेस पार्षद का हंगामा।
पार्षद कुणाल सोलंकी निगम की गाड़ी के आगे धरने पर बैठे, वीडियो वायरल।
पार्षद ने दिखाई 2022 की चिट्ठी, दावा- हॉकर जोन बनाने की मांग की थी।
भाजपा पार्षद बबलू शर्मा ने कांग्रेस पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाया।
Indore Traffic Jam Removal Action Sparks Political Controversy: शहर में सड़क पर लगने वाले ठेलों और अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के दौरान नेमावर रोड स्थित पालदा इलाके में विवाद हो गया। ठेले हटाने पहुंची नगर निगम की रिमूवल टीम के सामने कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी विरोध जताते हुए निगम की गाड़ी के आगे धरने पर बैठ गए।
इस दौरान मौके पर जमकर हंगामा हुआ। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पार्षद की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक, नगर निगम की रिमूवल टीम नेमावर रोड पर सड़क किनारे लगने वाले ठेलों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी। निगम की टीम के आने की सूचना मिलते ही ठेले वाले अपने ठेले लेकर अंदरूनी गलियों में पहुंच गए। इसके बाद निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए ठेलों को जब्त करना शुरू किया। इसी दौरान कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध करने लगे। विरोध बढ़ने पर वे नगर निगम की गाड़ी के आगे धरने पर बैठ गए।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाए कि जब सड़क पर अतिक्रमण और ठेलों के कारण यातायात प्रभावित होता है, तो उसे व्यवस्थित करने के लिए की जा रही कार्रवाई का विरोध क्यों किया जा रहा है, कुछ लोगों ने यह भी सवाल किया कि यदि वार्ड में हॉकर जोन की जरूरत थी, तो उसे बनवाने के लिए पिछले चार साल में प्रभावी पहल क्यों नहीं की गई।
विवाद और सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच पार्षद कुणाल सोलंकी ने अपना पक्ष रखते हुए वर्ष 2022 का एक पत्र भी दिखाया। उनके अनुसार, इस पत्र के माध्यम से हॉकर जोन बनाने की मांग की गई थी। हालांकि, इस मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि पत्र देने के बाद हॉकर जोन बनाने के लिए आगे क्या प्रयास किए गए और अब तक यह व्यवस्था क्यों नहीं बन सकी।
मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के पार्षद एवं एमआईसी सदस्य बबलू शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ राहुल गांधी सरकारी कार्यालय में घुसने का प्रयास करते हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस के पार्षद सरकारी काम में बाधा डालते हैं। बबलू शर्मा के मुताबिक, इस तरह की घटनाओं से कांग्रेस की छवि प्रभावित होती है।
इंदौर शहर में बढ़ते यातायात दबाव के बीच सड़क किनारे लगने वाले ठेले और अतिक्रमण लगातार चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में नगर निगम की कार्रवाई को लेकर यह बहस तेज हो गई है कि सड़क को अतिक्रमण मुक्त बनाने के साथ-साथ ठेला संचालकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करना भी जरूरी है।