Rahul Gandhi Set to Engage Students in Indore: इंदौर में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर 8 से 12 सितंबर 2026 तक नेहरू स्टेडियम आरक्षित करने की मांग की है। पत्र में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम का उल्लेख किया गया है।
राहुल गांधी का इंदौर दौरा राजनीतिक लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इंदौर को मध्य प्रदेश का बड़ा एजुकेशन हब माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में देशभर से छात्र पढ़ने आते हैं। ऐसे में कांग्रेस राहुल गांधी के कार्यक्रम के जरिए युवा और छात्र वर्ग के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर सकती है।
हाल के वर्षों में छात्र मुद्दों और युवाओं से जुड़े आंदोलनों को लेकर इंदौर में राजनीतिक गतिविधियां भी देखने को मिली हैं। ऐसे में राहुल गांधी का छात्रों के बीच सीधे संवाद का कार्यक्रम कांग्रेस के लिए रणनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश की राजनीति में मालवा-निमाड़ को सत्ता की चाबी माना जाता है। विधानसभा चुनावों में इस क्षेत्र का प्रदर्शन सरकार बनाने की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। इंदौर इस पूरे राजनीतिक क्षेत्र का सबसे बड़ा सियासी और आर्थिक केंद्र है। यही वजह है कि राहुल गांधी का इंदौर दौरा सिर्फ एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं माना जा रहा। कांग्रेस की कोशिश मालवा-निमाड़ में संगठन को मजबूत करने और युवाओं समेत नए वोटर्स के बीच अपनी जमीन तैयार करने की हो सकती है।
इंदौर लंबे समय से बीजेपी का मजबूत राजनीतिक गढ़ रहा है। ऐसे में कांग्रेस का राहुल गांधी के चेहरे के साथ इंदौर में बड़ा छात्र कार्यक्रम आयोजित करना बीजेपी के लिए भी राजनीतिक चुनौती के तौर पर देखा जा सकता है। कांग्रेस अगर इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं को जोड़ने में सफल रहती है, तो इसका असर आने वाले समय में मालवा-निमाड़ की राजनीति पर देखने को मिल सकता है।
फिलहाल राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने तैयारी शुरू कर दी है और नेहरू स्टेडियम आरक्षित करने के लिए पत्र दिया गया है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद कार्यक्रम किस रूप में आयोजित होता है और कांग्रेस कितनी बड़ी संख्या में छात्रों व युवाओं को जुटा पाती है। इंदौर से राहुल गांधी की आवाज, क्या मालवा-निमाड़ में कांग्रेस की वापसी की शुरुआत होगी, यह सवाल अब मध्य प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।