Indore Mule Account Case: इंदौर में संगठित अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी के मामले में क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल फोन, 8 एक्टिव सिम कार्ड, 10 बैंक पासबुक और 11 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि यूको बैंक की महू शाखा में मौजूद एक खाते का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में किया जा रहा था। इस खाते में 5 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन पाया गया है। पुलिस के अनुसार, इस खाते से जुड़े देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की दर्जनों शिकायतें सामने आई हैं।
जांच के दौरान तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तराखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, झारखंड, गोवा, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों से जुड़े साइबर अपराधों की जानकारी सामने आई है। इन मामलों में करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज होना बताया गया है।
इंदौर पुलिस के मुताबिक, आरोपी दीपक राव, निवासी महू, ने अपने बैंक खाते को म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराया था। इसके साथ ही उसके नाम पर जारी सिम कार्ड भी आरोपी गौरव राठौर को दिया गया था। इस सिम पर बैंक से संबंधित ओटीपी प्राप्त होते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी दीपक राव 12वीं तक शिक्षित है और अंडे का ठेला लगाता है। वहीं दूसरा आरोपी गौरव राठौर बीकॉम स्नातक है और निजी कंपनी में नौकरी करता है। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर साइबर अपराध से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस ने यूको बैंक की महू शाखा से जुड़े संदिग्ध खाते की जांच की तो उसमें 5 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन सामने आया। जांच में इस खाते का कनेक्शन देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज साइबर अपराधों से जुड़ता पाया गया। क्राइम ब्रांच ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड की जांच कर रही है। साथ ही साइबर अपराध सिंडिकेट से जुड़े अन्य संदिग्धों और नेटवर्क के संबंध में पूछताछ एवं विवेचना जारी है।