इंदौर लिटचौक (सोर्स- सोशल मीडिया) 
इंदौर

इंदौर के 'लिटचौक' को वैश्विक मंच पर मिली बड़ी पहचान; कॉमनवेल्थ यूथ काउंसिल बना ग्लोबल एंकरेजिंग पार्टनर

Indore Litchowk: इंदौर के 'लिटचौक' को मिली अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि, कॉमनवेल्थ यूथ काउंसिल बना ग्लोबल पार्टनर, 'माय भारत' के बाद फाउंडेशन की बड़ी वैश्विक छलांग।

सजल रघुवंशी

Indore Litchowk Foundation Partner With Commonwealth Youth Council: इंदौर का प्रमुख सांस्कृतिक और सामाजिक उत्सव माने जाने वाले लिटचौक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। लिटचौक फाउंडेशन और अंतरराष्ट्रीय संगठन कॉमनवेल्थ यूथ काउंसिल (सीवाईसी) के बीच एक महत्वपूर्ण साझेदारी हुई है।

इस समझौते के तहत कॉमनवेल्थ यूथ काउंसिल (सीआईसी) लिटचौक के साथ ग्लोबल एंकरेजिंग पार्टनर के रूप में जुड़ी है। इस साझेदारी के साथ लिटचौक फाउंडेशन मध्य भारत का पहला ऐसा संगठन बन गया है जिसे कॉमनवेल्थ यूथ काउंसिल के साथ इस स्तर की वैश्विक भागीदारी का अवसर मिला है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली नई पहचान

इस साझेदारी को इंदौर और मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। लिटचौक फाउंडेशन लंबे समय से साहित्य, कला, संस्कृति और सामाजिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है। अब कॉमनवेल्थ यूथ काउंसिल जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक संगठन का साथ मिलने से इसकी गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय पहचान और विस्तार मिलने की उम्मीद है।

कॉमनवेल्थ यूथ काउंसिल ने जताई खुशी

कॉमनवेल्थ यूथ काउंसिल के उपाध्यक्ष (पार्टनरशिप एवं रिसोर्स) गुरदीत वोहरा ने इस साझेदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि लिटचौक फाउंडेशन का समावेशी मंच तैयार करने, सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने तथा साहित्य और कला के संरक्षण का दृष्टिकोण उनके मूल्यों से पूरी तरह मेल खाता है। उन्होंने कहा कि इस सहयोग के माध्यम से युवाओं, कलाकारों और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं को नए अवसर प्राप्त होंगे।

दुनिया के कई देशों से जुड़ चुके हैं प्रतिभागी

लिटचौक के सह-संस्थापक निखिल दवे ने बताया कि पिछले वर्षों में भारत के अलावा कई देशों से वक्ता, कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रोता लिटचौक से जुड़ चुके हैं। उनका कहना है कि यह साझेदारी इंदौर और मध्य प्रदेश के आयोजनों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे भारतीय संस्कृति और स्थानीय आयोजनों को भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा मिलेगी।

कई सामाजिक और सांस्कृतिक प्रकल्पों का संचालन

लिटचौक फाउंडेशन केवल वार्षिक उत्सव तक सीमित नहीं है। संस्था द्वारा इंदौर डिस्कोर्स, महिलाओं के लिए लिट वीमेन चौक और कलाकारों के लिए लिट ठिया जैसे विभिन्न प्रकल्पों का संचालन भी किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में भारत सरकार के युवा मामलों के मंच ‘माय भारत’ के साथ करार करने वाली मध्य प्रदेश की पहली संस्था भी लिटचौक फाउंडेशन ही बनी थी। लगातार मिल रही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मान्यता संस्था की बढ़ती विश्वसनीयता और प्रभाव को दर्शाती है।

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