Indore Lawyers Comment Case : इंदौर में वकीलों की कार्यप्रणाली और उनकी भूमिका को लेकर की गई कथित टिप्पणी का मामला अब अदालत पहुंच गया है। इस मामले में अधिवक्ता शैलेन्द्र द्विवेदी ने परिवाद दायर किया है। मंगलवार को परिवादी के बयान दर्ज किए गए, जिसके बाद अदालत ने एमजी रोड पुलिस को समन जारी किया। मामले में आगामी 12 नवंबर को संबंधित व्यक्ति को पेश किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, इंदौर में प्रवचन के दौरान जैन मुनि सुधासागर महाराज की ओर से वकीलों को लेकर कथित टिप्पणी की गई थी। परिवाद के अनुसार, उन्होंने कहा था कि वकीलों को किसी भी कमेटी या समिति में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। कथित टिप्पणी में वकीलों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए थे।
इंदौर कोर्ट में दायर परिवाद में आरोप लगाया गया है कि प्रवचन के दौरान कहा गया कि वकील समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय पक्षों के बीच विवाद बनाए रखते हैं। साथ ही सहमति की प्रक्रिया को लेकर बहस में उलझने और विवाद को आगे बढ़ाने की बात कही गई थी।
अधिवक्ता शैलेन्द्र द्विवेदी की ओर से दायर परिवाद में यह भी आरोप लगाया गया है कि वकीलों की मानसिकता को ‘विध्वंसक’ बताया गया। परिवाद के अनुसार, कथित तौर पर वकीलों पर समाज में समाधान निकालने के बजाय पक्षों के बीच विवाद बनाए रखने और समाज को बांटने का आरोप लगाया गया।
मंगलवार को अदालत में परिवादी शैलेन्द्र द्विवेदी के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद अदालत ने मामले में एमजी रोड पुलिस को समन जारी किया है। अब संबंधित व्यक्ति को 12 नवंबर को पेश किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
मामला फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया में है। आगामी सुनवाई में अदालत के समक्ष मामले से जुड़े पक्ष और दस्तावेज सामने आएंगे। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। प्रवचन में कही गई कथित टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब न्यायालय तक पहुंच चुका है।