Highlights:
इंदौर कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश की कार्यशैली और कथित अनुचित व्यवहार पर वकीलों ने प्रदर्शन किया।
जिला और उच्च न्यायालय के अधिवक्ता संघों ने प्रशासनिक न्यायाधीश के सामने अपनी आपत्तियां रखीं।
व्यवहार में सुधार नहीं होने पर कार्य बहिष्कार और अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई।
Indore Family Court Lawyers Protest : इंदौर कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश की कार्यशैली और कथित अनुचित व्यवहार को लेकर वकीलों की नाराजगी बढ़ गई है। जिला न्यायालय और उच्च न्यायालय के अधिवक्ता संघों के बैनर तले वकीलों ने कुटुंब न्यायालय में प्रदर्शन कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
अधिवक्ताओं ने न्यायाधीश के व्यवहार में सुधार की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं बदली, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। फिलहाल न्यायाधीश की ओर से व्यवहार में सुधार का आश्वासन मिलने की बात कही गई है।
इंदौर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राकेश पाल के मुताबिक, नई कार्यकारिणी के चुनाव के बाद से ही कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के व्यवहार को लेकर वकीलों और पक्षकारों की शिकायतें मिल रही थीं। अधिवक्ताओं का आरोप है कि न्यायाधीश का बातचीत करने का लहजा और आचरण उचित नहीं है। इस संबंध में पहले भी उच्च न्यायालय में दो बार लिखित शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं।
जिला न्यायालय और उच्च न्यायालय के अधिवक्ता संघों के बैनर तले वकीलों ने कुटुंब न्यायालय में प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने न्यायाधीश की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए व्यवहार में सुधार की मांग की। उनका कहना है कि न्यायालयीन व्यवस्था में बार और बेंच की महत्वपूर्ण भूमिका है और दोनों के बीच सम्मानजनक संवाद होना जरूरी है।
सोमवार को दोनों अधिवक्ता संघों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक न्यायाधीश से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां रखीं। वकीलों ने कहा कि न्यायालय में आने वाले पक्षकारों और अधिवक्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित समाधान निकालने की मांग की।
जिला कोर्ट बार एसोसिएशन के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश को अपने व्यवहार में सुधार लाने के लिए अंतिम अवसर दिया गया है। वकीलों का कहना है कि न्यायाधीश ने भविष्य में अपने व्यवहार पर ध्यान देने का आश्वासन दिया है। अब अधिवक्ता संघ इस बात पर नजर रखेंगे कि आश्वासन के बाद स्थिति में कितना सुधार होता है।
वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि व्यवहार में सुधार नहीं हुआ, तो पहले कार्य बहिष्कार किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल या न्यायालयीन काम का बहिष्कार करने का फैसला भी लिया जा सकता है। फिलहाल आंदोलन की अगली रणनीति दोनों बार एसोसिएशन के सदस्यों के साथ बैठक कर तय की जाएगी।