Indore Ground Report: सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर इंदौर नगर निगम लगातार बड़े दावे कर रहा है। कहा गया था कि मानसून से पहले शहर के सभी बड़े नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी, जिससे बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति न बने।
हकीकत इससे अलग नजर आ रही है, इंदौर शहर में हुई पहली बारिश ने ही निगम के दावों की पोल खोलकर रख दी है, शहर में ना तो अभी तक नदियों की सफाई हुए और ना ही जल निकासी की कोई व्यवस्था।
इंदौर देश का सबसे साफ शहर है लेकिन यहां पर नाले में तब्दील हो चुकी नदियों को अभी भी सफाई की जरुरत है, नगर निगम के अधिकारियों ने दावे किए थे की सिंहस्थ के पहले शहर की प्रमुख नदियां साफ कर दी जाएगी लेकिन ना तो नदिया साफ हुई और ना ही शहर में इसे लेकर कोई ठोस योजना दिखी, करोड़ो रूपए इंदौर की इन नदियों को साफ करने पर खर्च हो चुके है।
इस मामले को लेकर इंदौर की हाई कोर्ट में लड़ाई लड़ चुके सामजिक कार्यकर्त्ता किशोर कोडवानी का कहना है की निगम के अधिकारियों के पास इन नदियों की कोई प्लानिंग ही नही है, निगम के अधिकारी यह भी नही जानते है की शहर में कितनी नदिया है।
नवभारत लाइव की ग्राउंड रिपोर्ट टीम नगर निगम मुख्यालय के ठीक सामने बहने वाली कान्ह नदी का जायजा लेने पहुंची। यहां की तस्वीर निगम के दावों से बिल्कुल अलग नजर आई। नदी में अब भी काला और बदबूदार गंदा पानी बह रहा है, जबकि जगह-जगह कचरा और गाद भी दिखाई दी।
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यह स्थिति तब है जब सिंहस्थ की तैयारियों के तहत नदी और नालों की सफाई तथा प्रदूषण मुक्त बनाने के दावे लगातार किए जा रहे हैं। नगर निगम मुख्यालय के सामने ही कान्ह नदी की यह हालत सवाल खड़े करती है कि जब शहर के बीचों-बीच यह स्थिति है, तो अन्य क्षेत्रों में व्यवस्थाओं का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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