इंदौर एयरपोर्ट मॉक ड्रिल (सोर्स- सोशल मीडिया)
इंदौर

स्वतंत्रता दिवस से पहले इंदौर एयरपोर्ट पर हाई-लेवल मॉक ड्रिल; आतंकी हमले का सीन बनाकर परखी सुरक्षा

Indore Airport Mock Drill: स्वतंत्रता दिवस से पहले इंदौर एयरपोर्ट पर हाई-लेवल एंटी-टेरर मॉक ड्रिल, सीआईएसएफ, बीएसएफ और इंदौर पुलिस ने आतंकी हमले का काल्पनिक सीन बनाकर परखी तैयारी।

अंशुल मुकाती, सजल रघुवंशी

Independence Day Security Mock Drill Indore Airport: स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर इंदौर एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए बुधवार को हाई-लेवल एंटी-टेरर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), इंदौर पुलिस समेत विभिन्न सुरक्षा और आपातकालीन एजेंसियों ने हिस्सा लिया।

मॉक ड्रिल का उद्देश्य एयरपोर्ट पर आतंकी खतरे या किसी गंभीर आपात स्थिति की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का रियल टाइम परीक्षण करना था।

संदिग्ध घुसपैठ और आतंकी हमले की बनाई गई स्थिति

अभ्यास के दौरान एयरपोर्ट परिसर में संदिग्ध घुसपैठ और आतंकी हमले जैसी काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। घटना की सूचना मिलते ही सीआईएसएफ की क्विक रिस्पॉन्स टीम, बीएसएफ के जवान और स्थानीय पुलिस तत्काल सक्रिय हो गए। सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर को निर्धारित सुरक्षा घेरे में लेकर संभावित खतरे से निपटने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान संयुक्त काउंटर ऑपरेशन और रेस्क्यू प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया।

बम निरोधक दस्ते से लेकर मेडिकल टीम रही सक्रिय

मॉक ड्रिल में केवल सुरक्षा बल ही नहीं, बल्कि बम निरोधक दस्ता, अग्निशमन विभाग और मेडिकल टीम भी शामिल रही। सभी एजेंसियों ने अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार कार्रवाई की। अभ्यास के दौरान यह देखा गया कि किसी आपात स्थिति में सूचना मिलने के बाद संबंधित टीमें कितनी तेजी से मौके पर पहुंचती हैं और उनके बीच किस तरह का समन्वय रहता है। साथ ही संचार व्यवस्था और रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रभावशीलता को भी परखा गया।

वरिष्ठ अधिकारियों ने की समीक्षा, यात्रियों से सहयोग की अपील

मॉक ड्रिल पूरी होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों और आम लोगों से अपील की है कि वे जांच प्रक्रिया में सहयोग करें। एयरपोर्ट परिसर में कोई लावारिस वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति नजर आने पर खुद कार्रवाई करने के बजाय तत्काल सुरक्षाकर्मियों या पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों के मुताबिक ऐसे अभ्यास से विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता मजबूत होती है।

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