चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी; महिला ने दिया बच्चे को जन्म, आगरा कैंट पर मेडिकल टीम ने संभाली जिम्मेदारी

Railway Medical Team: साबरमती-आगरा एक्सप्रेस में सफर के दौरान गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर रेल मदद के जरिए रेलवे ने तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई, महिला ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।
Woman Delivers Baby on Train and Railway Medical Team Ensure Safe Care at Agra Cantt
बच्चे के साथ महिला(सोर्स- फोटो नवभारत)
Updated on

Agra Railway Medical Team: रेलवे की पहचान भले ही यात्रियों को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने की हो, लेकिन आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर सामने आई एक घटना ने भारतीय रेलवे के उस मानवीय चेहरे को सामने ला दिया, जहां मुश्किल की घड़ी में रेलवे सिर्फ यात्री को मंजिल तक पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि मददगार बनकर सामने आती है।

साबरमती से आगरा की ओर आ रही गाड़ी संख्या 12548 साबरमती-आगरा एक्सप्रेस में उस समय माहौल बदल गया, जब फर्रुखाबाद निवासी गर्भवती महिला यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला अपने परिवार के साथ कोच S-2 की बर्थ संख्या 36, 37 और 38 पर यात्रा कर रही थीं। हालात बिगड़ते देख महिला ने रेल मदद के माध्यम से सहायता मांगी।

मेडिकल टीम के साथ महिला को अटेंड करने के निर्देश

यात्री की शिकायत रेलवे के सिस्टम तक पहुंचते ही मानो पूरा तंत्र हरकत में आ गया। संबंधित कोच में तैनात टिकट जांच कर्मचारी को तत्काल महिला की मदद के लिए भेजा गया। वहीं आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के उप स्टेशन प्रबंधक (वाणिज्य) को ट्रेन के पहुंचते ही मेडिकल टीम के साथ महिला को अटेंड करने के निर्देश दिए गए।

ट्रेन जैसे ही आगरा कैंट के प्लेटफॉर्म संख्या पांच पर पहुंची, रेलवे की मेडिकल टीम पहले से तैयार खड़ी थी। रेलवे चिकित्सक डॉ. अवंतिका सिन्हा और स्टाफ नर्स सिमरन शर्मा तत्काल महिला के पास पहुंचीं।

ट्रेन के कोच में गूंजी नवजात की किलकारी 

लेकिन इससे पहले ही सफर के बीच महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दे दिया। ट्रेन के कोच में नवजात की किलकारी गूंजते ही कुछ पल पहले तक तनाव में बैठे यात्रियों के चेहरों पर खुशी दिखाई देने लगी। एक तरफ मां सुरक्षित थी तो दूसरी तरफ रेलवे कर्मचारियों की तत्परता से नवजात भी सुरक्षित दुनिया में आ चुका था।

आगरा कैंट पहुंचने के बाद चिकित्सकीय टीम ने मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। दोनों पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए महिला और नवजात को एंबुलेंस से रेलवे अस्पताल भेज दिया गया।

टीटीई से लेकर स्टेशन प्रशासन और चिकित्सकीय टीम ने निभाई जिम्मेदारी  

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे खास बात यह रही कि रेल मदद की एक सूचना से लेकर मेडिकल टीम के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने तक रेलवे के अलग-अलग विभागों ने आपसी समन्वय के साथ काम किया। टीटीई से लेकर स्टेशन प्रशासन और चिकित्सकीय टीम तक, हर कड़ी ने अपनी जिम्मेदारी निभाई।

महिला के पति ने समय पर मिली सहायता और रेलवे कर्मचारियों की संवेदनशीलता के लिए रेलवे प्रशासन, चिकित्सकीय दल, टिकट जांच कर्मचारी और अन्य कर्मचारियों का आभार जताया।

यह भी पढ़ें- वृंदावन में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, गोदामों से बरामद 5,000 किलो मिलावटी पेड़ा और मिल्क केक किए नष्ट

यह घटना महज ट्रेन में बच्चे के जन्म की कहानी नहीं है। यह उस भरोसे की कहानी है, जो एक यात्री मुश्किल की घड़ी में रेलवे पर करता है। एक तरफ चलती ट्रेन, दूसरी तरफ प्रसव पीड़ा और बीच में मदद की पुकार... रेल मदद से पहुंचा संदेश और आगरा कैंट पर तैयार खड़ी मेडिकल टीम ने इस सफर को एक यादगार अनुभव में बदल दिया।

रेलवे का यही मानवीय चेहरा बताता है कि रेल सिर्फ पटरियों पर नहीं दौड़ती, जरूरत पड़ने पर इंसानियत भी साथ लेकर चलती है।

Navbharat Live
navbharatlive.com