दिग्विजय सिंह और उषा ठाकुर (फोटो सोर्स- नवभारत) 
इंदौर

दिग्विजय सिंह बोले- 'मैं घोर सनातनी हूं', बीजेपी विधायक उषा ठाकुर से हुई शालीन बहस

Digvijaya Singh And Usha Thakur Debate: पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी विधायक उषा ठाकुर के बीच तीखी, लेकिन शालीन बहस हुई। दिग्विजय ने कहा मैं घोर सनातन को मानने वाला हूं।

प्रीतेश जैन

MP Political News: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियां बटोरी हैं। शुक्रवार देर रात इंदौर में हुई एक मुलाकात के दौरान उन्होंने भाजपा विधायक उषा ठाकुर से बातचीत में खुद को घोर सनातन धर्म का मानने वाला बताया। उषा ने दिग्विजय को बड़ा भाई बताया।

यह मुलाकात भोजशाला को लेकर आए फैसले के बाद इंदौर में हुई, जहां दोनों नेताओं के बीच धर्म और आस्था को लेकर तीखी, लेकिन शालीन बहस देखने को मिली। बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे हमेशा से सनातन धर्म के अनुयायी रहे हैं और उन्होंने ही इस विचार को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है।

मैं जितना सनातनी हूं...

इस पर उषा ठाकुर ने कहा कि वे अनादि काल से सनातनी हैं, जिस पर दिग्विजय सिंह ने जवाब देते हुए कहा, 'मैं जितना सनातनी हूं, क्या आपने कभी नर्मदा परिक्रमा की है या एकादशी का व्रत किया है?' इस सवाल पर बातचीत और गर्मा गई।

दोनों नेताओं में वार-पलटवार

उषा ठाकुर ने कहा कि दिग्विजय सिंह व्यक्तिगत रूप से सनातन धर्म को मानते हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से इसे उतनी स्पष्टता से नहीं स्वीकारते। इस पर कांग्रेस नेता ने पलटवार करते हुए कहा कि वे पूरी तरह सार्वजनिक रूप से भी सनातनी हैं और इसमें छिपाने जैसा कुछ नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय ही अंतिम होगा

बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के विचारों पर तर्क दिए। बाद में दिग्विजय सिंह ने कहा कि भोजशाला मामले में कानून और सुप्रीम कोर्ट का निर्णय ही अंतिम होगा और सभी फैसले संविधान के दायरे में रहकर लिए जाने चाहिए।

सामाजिक सौहार्द बनाए रखना जरूरी

उन्होंने यह भी कहा कि देश में सामाजिक सौहार्द बनाए रखना जरूरी है और किसी भी मामले को लेकर किसी एक समुदाय को निशाना बनाना उचित नहीं है। वहीं, उषा ठाकुर ने भी न्यायालय के निर्णय का सम्मान करने की बात कही। इस पूरी बातचीत का वीडियो और बयान अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

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