पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का मोदी सरकार पर हमला, बोले- लीडरशिप क्राइसिस से बढ़ा आर्थिक संकट

Digvijaya Attacks Centre Over Inflation: दिग्विजय सिंह ने नीतियों को लेकर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सरकार पर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर जनता पर महंगाई का बोझ डालने का आरोप लगाया है।
Digvijaya Singh on Modi government
दिग्विजय सिंह (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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MP Political News: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक हालात के लिए मोदी सरकार की नीतियां, नेतृत्व संकट और दूरदर्शिता की कमी जिम्मेदार है।

सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश की जनता को यह समझना होगा कि भारत में बढ़ते आर्थिक संकट की वजह केवल अंतरराष्ट्रीय हालात नहीं हैं, बल्कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियां भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की अक्षमता और गलत फैसलों का खामियाजा आम जनता पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के बढ़ते दामों के रूप में भुगत रही है।

डीजल महंगा होने का सीधा असर महंगाई पर

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है। इससे परिवहन खर्च बढ़ता है, जिसका असर किसानों, उद्योगों और आम लोगों के घरेलू बजट पर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकार जनता को राहत देने में असफल साबित हो रही है।

सरकार ने ठोस रणनीति नहीं बनाई

दिग्विजय सिंह ने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय संकट शुरू हुआ था, तब सरकार “सब चंगा सी” बताने में लगी रही और कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि समय रहते सरकार ने कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई।

सरकार से सवाल

वरिष्ठ कांग्रेस नेता Digvijaya Singh ने केंद्र सरकार से दो सवाल भी पूछे। पहला सवाल रूसी तेल खरीद को लेकर था। उन्होंने कहा कि मार्च में रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था, फिर देश को ऐसी स्थिति में क्यों लाया गया जहां भारत को अनुमति मांगने जैसी स्थिति पैदा हो गई।

जनता पर महंगाई का बोझ क्यों?

दूसरे सवाल में उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दाम कम थे, तब सरकार ने टैक्स के जरिए पिछले 10 वर्षों में करीब 43 लाख करोड़ रुपए कमाए। अब जब कीमतें बढ़ रही हैं तो जनता को राहत देने के बजाय महंगाई का बोझ क्यों डाला जा रहा है।

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