कनेर झिरी घाटीगांव (सोर्स- सोशल मीडिया)
ग्वालियर

ग्वालियर के पास कुदरत का अनमोल खजाना, घाटीगांव के जंगलों में बसा कनेर झिरी बना पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना

Kaner Lake Gwalior: ग्वालियर के पास कुदरत का अनोखा खजाना। घाटीगांव के जंगलों में स्थित कनेर झिरी बनी पर्यटकों की पहली पसंद, कलकल बहते प्राकृतिक झरने, स्वच्छ हवा और प्राचीन शिव मंदिर व आश्रम का संगम।

निशांत तिवारी, सजल रघुवंशी

Ghati Gaon Tourist Place: मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर घाटीगांव वन्यजीव अभयारण्य का घना जंगल प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी खजाने से कम नहीं है। इन्हीं जंगलों और ऊंची पहाड़ियों के बीच कनेर झील का प्राकृतिक क्षेत्र स्थित है, जिसे स्थानीय लोग कनेर झिरी या कनेर झीर के नाम से भी जानते हैं।

चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ियों के बीच से बहते प्राकृतिक झरने और शांत वातावरण इस जगह की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं। यहां पहुंचने पर शहर के शोर से बिल्कुल अलग प्राकृतिक माहौल का अनुभव होता है।

कलकल बहते झरने और शुद्ध हवा बनाते हैं खास

कनेर झिरी की सबसे बड़ी खासियत यहां का प्राकृतिक वातावरण है। पहाड़ियों के बीच से निकलते झरनों का कलकल करता पानी और घने जंगलों की हरियाली पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। क्षेत्र की हवा अपेक्षाकृत स्वच्छ और वातावरण बेहद शांत है। यही वजह है कि स्थानीय स्तर पर इसे मध्य प्रदेश के घाटीगांव के जंगल का प्रमुख ऑक्सीजन जोन भी माना जाता है। प्रकृति के बीच कुछ समय बिताने वाले लोगों को यहां मानसिक सुकून और ताजगी का अहसास होता है। मानसून के दौरान हरियाली और झरनों की खूबसूरती इस पूरे क्षेत्र को और आकर्षक बना देती है।

कनेर झिरी आश्रम में आस्था और प्रकृति का संगम

कनेर झिरी केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि इसकी गहरी आध्यात्मिक पहचान भी है। पत्थरों और पहाड़ियों के बीच स्थित कनेर झिरी आश्रम स्थानीय लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां प्राचीन शिव मंदिर और हनुमान मंदिर स्थित हैं। इसके साथ ही सिद्ध बाबा का आश्रम भी है। शहर की भागदौड़ से दूर शांत वातावरण होने के कारण यह स्थान लंबे समय से साधु-संतों की ध्यान साधना और तपस्या से जुड़ा रहा है। यहां प्रकृति और आध्यात्मिकता का अनोखा मेल देखने को मिलता है।

पिकनिक और सुकून के लिए उभर रहा पर्यटन स्थल

कनेर झिरी का क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से आसपास के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत भी रहा है। भले ही मुख्य इतिहास में इसका कोई बड़ा राजनीतिक उल्लेख नहीं मिलता, लेकिन स्थानीय लोगों के बीच इसकी विशेष पहचान रही है। वर्तमान में यह जगह पिकनिक, प्रकृति भ्रमण और आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वालों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है। घने जंगल, पहाड़, झरने और धार्मिक स्थल इसे एक ऐसा प्राकृतिक पर्यटन स्थल बनाते हैं, जहां लोग परिवार और दोस्तों के साथ कुछ सुकून भरे पल बिता सकते हैं। प्रकृति और आस्था का यह संगम ग्वालियर के आसपास घूमने के लिए एक अनोखा विकल्प है।

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