

MP Heavy Rain Alert : मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर एक्टिव हो गया है। ट्रफ और डिप्रेशन के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर तेज होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने सागर संभाग के टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने दतिया, भिंड, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, मैहर और सतना में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है। बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 18 से 24 अगस्त के बीच मध्य प्रदेश में बारिश का मिजाज लगातार बदलता रहेगा। 19 अगस्त को विंध्य और महाकौशल क्षेत्र में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई। अब 20 से 24 अगस्त के दौरान बारिश का प्रभाव धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने के संकेत हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में 1 जून से अब तक 583.4 मिलीमीटर यानी करीब 23 इंच बारिश हो चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश 663.7 मिलीमीटर यानी करीब 26.1 इंच मानी जाती है। इस हिसाब से प्रदेश में अब तक करीब 3.1 इंच यानी 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 10 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
प्रदेश के 39 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 19 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। वहीं 18 जिलों में बारिश 4 से 58 प्रतिशत तक कम रही है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के 21 जिलों में भी सामान्य से 5 से 39 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
बारिश की कमी के बीच प्रदेश के कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी बरसा है। अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश का प्रभाव मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बदलता रहेगा। फिलहाल पूर्वी हिस्से में अति भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं 20 से 24 अगस्त के बीच पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।