Gwalior Firing News : ग्वालियर में शनिवार को दिनदहाड़े फायरिंग की दो घटनाओं से हड़कंप मच गया। पहली वारदात पड़ाव थाना क्षेत्र में थाने के सामने एक नाश्ता दुकान के कर्मचारी पर हुई, जहां बाइक से आए बदमाशों ने दो राउंड फायरिंग कर अशोक पाल को गोली मार दी।
वहीं दूसरी घटना इंदरगंज थाना क्षेत्र में पुराने हाईकोर्ट के बाहर सामने आई, जहां स्टांप वेंडर तरुण वर्मा पर फायरिंग की गई। दोनों घटनाओं में आरोपी वारदात के बाद मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है।
पुरानी छावनी निवासी अशोक पाल पड़ाव थाने के सामने एक नाश्ते की दुकान पर काम करता है। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह वह दुकान पर काम कर रहा था। इसी दौरान बाइक से पांच बदमाश वहां पहुंचे और अशोक को निशाना बनाकर दो राउंड फायरिंग कर दी। गोली अशोक के कंधे में लगी। गंभीर हालत में उसे ग्वालियर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
अशोक और क्षेत्र के एक यादव परिवार के बीच प्रेम प्रसंग से जुड़े मामले को लेकर विवाद बताया जा रहा है। घायल के भाई सोनू पाल ने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद मनोज यादव से इसी विवाद को लेकर अशोक की दुश्मनी चल रही है। सोनू का दावा है कि मनोज यादव और उसके साथियों ने अशोक को चुनौती देकर गोली मारी। उसने यह भी आरोप लगाया कि मनोज यादव ने उनके एक मकान पर जबरन कब्जा कर लिया है। हालांकि पुलिस अभी इन आरोपों की पुष्टि कर रही है।
इसी दिन दूसरी फायरिंग की घटना इंदरगंज थाना क्षेत्र में पुराने हाईकोर्ट के बाहर हुई। यहां रोज की तरह स्टांप बेच रहे तरुण वर्मा पर फायरिंग की गई। तरुण ने टाइप राइटर अयाज खान पर गोली चलाने का आरोप लगाया है। हालांकि फायरिंग में गोली तरुण को नहीं लगी और वह बाल-बाल बच गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
तरुण वर्मा के मुताबिक, दो दिन पहले स्टांप बेचने को लेकर दोनों पक्षों के बीच मामूली विवाद हुआ था। उसका आरोप है कि इसी विवाद की रंजिश में अयाज खान ने उस पर फायरिंग की। घटना की सूचना मिलते ही इंदरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ करने के साथ ही CCTV फुटेज भी खंगाल रही है।
एक ही दिन ग्वालियर में फायरिंग की दो घटनाओं के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पड़ाव थाना पुलिस अशोक पाल पर हुए हमले में आरोपियों और घटना की वजह की जांच कर रही है, जबकि इंदरगंज पुलिस तरुण वर्मा के आरोपों की तस्दीक में जुटी है। पुलिस दोनों घटनाओं में शामिल आरोपियों की पहचान, फायरिंग में इस्तेमाल हथियार और वारदात की वास्तविक वजह का पता लगाने का प्रयास कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही दोनों मामलों की तस्वीर साफ हो सकेगी।