Dabra Councillor Protest: ग्वालियर जिले की डबरा नगर पालिका इन दिनों राजनीति का अखाड़ा बनी हुई है। नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ के खिलाफ विरोधी गुट के पार्षदों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासनिक अधिकारियों और नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से मुलाकात नहीं होने से नाराज पार्षदों ने अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया। धरना स्थल पर पार्षदों ने भैंस के आगे बीन बजाई और नगर पालिका सीएमओ साक्षी वाजपेई तथा अध्यक्ष लक्ष्मी देवी को जगाने का प्रयास किया।
विरोध कर रहे पार्षद यहीं नहीं रुके। कुछ पार्षद नगर पालिका में अटके विकास कार्यों से संबंधित फाइलें लेकर धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने भैंस के सामने फाइलें रखकर प्रतीकात्मक रूप से उससे साइन कराकर विकास कार्यों को मंजूरी देने की मांग की। पार्षदों का कहना है कि जब उनकी बात नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों और अध्यक्ष तक नहीं पहुंच रही है तो अब इसी तरह अनोखे तरीके से विरोध जताने को मजबूर हैं।
बताया जा रहा है कि नगर पालिका में विकास कार्यों में कथित रुकावट, शहर की बदहाल सड़कों, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और सफाई व्यवस्था सुचारू नहीं होने के मुद्दे को लेकर करीब 18 पार्षद अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी के नगर पालिका उपाध्यक्ष सतेंद्र दुबे गुट के पार्षदों के साथ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षद भी शामिल हैं।
पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों और समस्याओं पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो वे भूख हड़ताल शुरू करेंगे। भूख हड़ताल की चेतावनी देने वालों में वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद सुमित साहू और वार्ड क्रमांक 16 की महिला पार्षद सुनीता राजोरिया के पति महाराज सिंह राजोरिया भी शामिल हैं।
वंही दूसरी तरफ, कलेक्टर रुचिका चौहान ने धरना दे रहे पार्षदों से जल्द मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनने और धरना समाप्त कराने की बात कही है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि जिला प्रशासन और पार्षदों के बीच बातचीत कब होती है और क्या इससे डबरा नगर पालिका में चल रहा सियासी गतिरोध खत्म हो पाता है।