ग्वालियर में साइबर ठगी (प्रतीकात्मक इमेज, सोर्स- एआई जनरेटेड) 
ग्वालियर

95 हजार पाउंड का लालच, मुंबई एयरपोर्ट के नाम से फर्जी कॉल; ग्वालियर में साइबर ठगों ने ऐसे लूटे 1.23 लाख रुपये

Gwalior News: सोशल मीडिया पर ठगो ने एक ठेकेदार को अपना शिकार बनाया। खुद को लंदन की डॉक्टर बताने वाली महिला ने पहले दोस्ती बढ़ाई और फिर अपने जाल में फंसा कर सवा लाख रुपये लूटे।

सजल रघुवंशी

Gwalior Cyber Fraud News: सोशल मीडिया पर हुई एक विदेशी महिला से बातचीत ने ग्वालियर के ठेकेदार को भारी नुकसान पहुंचा दिया। खुद को लंदन की डॉक्टर बताने वाली महिला ने पहले दोस्ती बढ़ाई और फिर बड़े कमीशन व मोटे मुनाफे का झांसा देकर उसे अपने जाल में फंसा लिया। भरोसे में आए ठेकेदार ने आखिरकार ठगों के खाते में करीब सवा लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए और साइबर ठगी का शिकार बन गया।

ग्वालियर के हरिशंकरपुरम क्षेत्र में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है। यहां रहने वाले ठेकेदार कमलकांत यादव फेसबुक पर खुद को विदेशी महिला बताने वाली एक शातिर ठग के संपर्क में आए और उसके झांसे में आकर धोखाधड़ी का शिकार बन गए।

ठगों ने बताया फेक लंदन कनेक्शन

शातिर बदमाशों ने खुद को लंदन से जुड़ा बताकर भारत में बड़े विदेशी निवेश और मोटे मुनाफे का सपना दिखाया। इसी बहाने उन्होंने ठेकेदार से अलग-अलग कारण बताकर करीब 1.23 लाख रुपये ठग लिए। जानकारी के अनुसार यह सिलसिला 24 अप्रैल को शुरु हुआ था।

फेसबुक के जरिए शुरू की गई बातचीत

पुलिस के मुताबिक यह पूरा मामला 24 अप्रैल से शुरू हुआ। ठेकेदार कमलकांत यादव की फेसबुक पर एक महिला से बातचीत शुरू हुई, जिसने पहले खुद को ‘लकी चार्ल्स’ बताया और बाद में नाम बदलकर ‘डॉ. पेट्रीसिया’ बताया। धीरे-धीरे दोनों की चैटिंग वॉट्सएप पर होने लगी। महिला ने खुद को लंदन निवासी बताते हुए कहा कि वह जल्द ही भारत आने की योजना बना रही है।

महिला ने ऐसे दिया लालच

महिला ठग ने कथित तौर पर यह दावा करते हुए ठेकेदार को झांसा दिया कि वह अपने साथ 95000 ब्रिटिश पाउंड (करीब ₹1.22 करोड़) लेकर भारत आ रही है। उसने यादव से कहा कि उसे इन ब्रिटिश पाउंड को भारतीय करेंसी में बदलने में उसकी मदद चाहिए और इशारा किया कि बदले में उसे कमीशन और महंगे गिफ्ट मिलेंगे।

ठगों ने खुद को बताया था अधिकारी

पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की शुरुआत 27 अप्रैल को हुई, जब कमलकांत यादव को एक महिला का कॉल आया। कॉल करने वाली ने खुद को मुंबई एयरपोर्ट की अधिकारी बताते हुए कहा कि लंदन से आने वाली महिला के पास भारी मात्रा में विदेशी करेंसी है। उसने दावा किया कि रकम को क्लियर कराने के लिए कस्टम क्लियरेंस और रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करना जरूरी है।

फोन करने वाली महिला ने कमलकांत यादव को बताया कि विदेशी मुद्रा रिलीज कराने से पहले कस्टम क्लियरेंस और रजिस्ट्रेशन चार्ज जमा करना अनिवार्य है। उसकी बातों में आकर कमलकांत ने शुरुआत में 38,500 रुपये बतौर फीस ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठगों ने कभी प्रोसेसिंग तो कभी अन्य औपचारिकताओं का हवाला देकर लगातार पैसों की मांग शुरू कर दी। धीरे-धीरे ठेकेदार ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल करीब 1.23 लाख रुपये जमा करा दिए।

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