शहपुरा में आयुष्मान भारत के नाम पर ग्रामीणों को गुमराह करने का मामला।
पुलिस और राजस्व की टीम ने 19 ग्रामीणों को जबलपुर ले जा रहे दो वाहनों को पकड़ा।
बीएमओ की जांच में किसी भी ग्रामीण में गंभीर बीमारी नहीं पाई गई।
पुलिस ने छह आरोपियों को किया गिरफ्तार
Shahpura Ayushman Bharat Fraud Case Dindori: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नाम पर ग्रामीणों को कथित रूप से गुमराह कर फर्जी तरीके से शासन की राशि प्राप्त करने के प्रयास का मामला शहपुरा में सामने आया है। शहपुरा पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 19 ग्रामीणों को जबलपुर ले जा रहे दो वाहनों को पकड़ा तथा मामले में छह आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को ग्राम पिपरिया माल एवं कौआझिर क्षेत्र में कुछ व्यक्तियों द्वारा स्वयं को जबलपुर स्थित सुखसागर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बताते हुए ग्रामीणों को निःशुल्क एवं बेहतर इलाज का प्रलोभन देकर वाहन क्रमांक MP20PA1209 एवं MP20XE2539 से जबलपुर ले जाया जा रहा था। सूचना मिलने पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शहपुरा एवं तहसीलदार शहपुरा की टीम द्वारा कार्रवाई की गई।
दोनों वाहनों में सवार 19 ग्रामीणों का खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) शहपुरा द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। जांच में किसी भी मरीज में गंभीर बीमारी नहीं पाई गई। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि ग्रामीणों को बिना स्पष्ट चिकित्सकीय आवश्यकता के आयुष्मान कार्ड के माध्यम से इलाज कराने के नाम पर जबलपुर ले जाया जा रहा था।
ग्रामीणों के बयान में भी यह जानकारी सामने आई कि आयुष्मान कार्ड धारक व्यक्तियों को इलाज के लिए ले जाने की बात कही गई थी। मामले में ग्रामीणों को कथित रूप से प्रलोभन देकर शासकीय योजना की राशि का अनुचित लाभ प्राप्त करने तथा शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के प्रयास के संबंध में थाना शहपुरा में अपराध क्रमांक 624/2026, धारा 318(4), 61(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
पुलिस द्वारा आरोपी उमेश मिश्रा, अवधेश दुबे, विमल राय, संतोष कुमार पटेल (प्रचारक), संजय दुबे एवं राजा खरे (ड्राइवर) को गिरफ्तार किया गया है। दोनों वाहनों को भी जब्त किया गया है। पूछताछ में आरोपियों द्वारा जबलपुर शहर स्थित सुखसागर मेडिकल कॉलेज के मैनेजर संजय शर्मा के कहने पर पिछले 4-5 वर्षों से इस प्रकार का कार्य किए जाने की जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है। मामले में पुलिस द्वारा आगे की विवेचना की जा रही है।