डिंडौरी में अनोखा मेहमान (सोर्स- सोशल मीडिया) 
डिण्‍डौरी

जासूसी मिशन या कोई वैज्ञानिक चक्रव्यूह? डिंडौरी के अमरपुर के सरई टोला में दिखा GPS से लैस गिद्ध; ग्रामीण हैरान

GPS Vulture In Amarpur: डिंडौरी में हाईटेक मेहमान, अमरपुर के गांवों में जीपीएस डिवाइस और टैग लगा दुर्लभ गिद्ध दिखने से मची हलचल, वन विभाग ने शांत की ग्रामीणों की उत्सुकता।

सजल रघुवंशी

GPS Tagged Vulture In Dindori: डिंडौरी जिले के अमरपुर जनपद अंतर्गत भेसवाहि सरई टोला और उमरिया गवारी टोला में इन दिनों एक अनोखे मेहमान ने ग्रामीणों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। गांव में दिखाई दिए एक गिद्ध के पैरों में नंबर वाला टैग और शरीर पर लगा उपकरण देखकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

कुछ लोगों ने इसे रहस्यमयी पक्षी बताया तो कुछ इसे किसी विशेष निगरानी मिशन का हिस्सा मानने लगे। हालांकि वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी दी और ग्रामीणों की जिज्ञासा को शांत किया।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम

ग्रामीणों के अनुसार यह गिद्ध करीब दो दिनों तक भेसवाहि सरई टोला और उमरिया गवारी टोला क्षेत्र में देखा गया। कभी वह पेड़ों पर बैठता नजर आया तो कभी आसमान में मंडराता दिखाई दिया। उसके पैरों में लगे टैग और शरीर पर लगे उपकरण को देखकर गांव में उत्सुकता के साथ हल्की दहशत भी फैल गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पक्षी का निरीक्षण किया।

ट्रैकिंग डिवाइस से लैस था गिद्ध

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कोई सामान्य गिद्ध नहीं बल्कि संरक्षण कार्यक्रम के तहत मॉनिटरिंग किए जा रहे गिद्धों में से एक है। इसके पैरों में पहचान के लिए नंबरयुक्त टैग लगाया गया है, जबकि शरीर पर लगा उपकरण कैमरा नहीं बल्कि जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस है। इस तकनीक की मदद से विशेषज्ञ गिद्धों की आवाजाही, उनके ठहराव और व्यवहार का अध्ययन करते हैं। जानकारी के अनुसार यह गिद्ध सिवनी जिले की ओर से डिंडौरी जिला पहुंचा था और दो दिन क्षेत्र में रहने के बाद आगे निकल गया।

गिद्ध को देखने के लिए उमड़ी भारी भीड़

गांव में इस अनोखे मेहमान को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इस गिद्ध को करीब से देखने को उत्सुक नजर आया। कई ग्रामीणों ने पहली बार किसी गिद्ध को इतनी नजदीक से देखा। आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम से लैस इस पक्षी ने लोगों के बीच वन्यजीव संरक्षण को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

डिंडोरी एसडीओ सुरेंद्र जाटव का कहना है कि यह गिद्ध संरक्षण परियोजना के तहत टैग और जीपीएस डिवाइस से लैस है। इसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाती है जिससे गिद्धों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक व्यवहार का अध्ययन किया जा सके।

ज्ञानेश कुमार तो जाएंगे...बेला एस्टेट में 729 में से बचा महज 1 वोटर, चुनाव आयोग पर भड़के राहुल गांधी

ट्रैफिक चालान नहीं भरा तो क्या कटेगी बिजली? सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये सुझाव

Fatehpur House Collapse: संदिग्ध सिलेंडर ब्लास्ट के बाद दो मंजिला मकान ढहा, 10 से ज्यादा लोग मलबे में दबे

मास्को में गरजे प्रो. धीरज सिंह: बोले- वैश्विक शासन को दिशा दिखा रहा है भारतीय लोकतंत्र और नागरिक समाज

CEC ज्ञानेश कुमार के घर पर हंगामा, पिता बोले- गद्दार लिखने वालों के खिलाफ कराऊंगा FIR