Datia Sevda Gambling Case : दतिया जिले के सेवढ़ा क्षेत्र में जुए के फड़ पर पुलिस की कार्रवाई के बाद सियासत गरमा गई है। बस्तूरी गांव में बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात पुलिस ने दबिश देकर सात लोगों को पकड़ा। पकड़े गए लोगों में बस्तूरी के पूर्व निर्दलीय सरपंच और पूर्व बीजेपी मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र चौहान भी शामिल हैं। कार्रवाई की खबर मिलते ही गुरुवार सुबह बीजेपी संगठन से जुड़े करीब एक सैकड़ा कार्यकर्ता भउआपुरा थाने पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया।
पुलिस के मुताबिक बस्तूरी गांव में लंबे समय से जुआ खेले जाने की सूचना मिल रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सेवढ़ा क्षेत्र के तीन थानों की पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से सात लोगों को हिरासत में लिया, जबकि तीन लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। मौके से कुछ दोपहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार कार्रवाई की जद में सुरेंद्र चौहान के अलावा बंटी चौहान, धर्मेंद्र चौहान, पान सिंह कुशवाह, पुत्तू शाक्य, आकाश राजपूत, कोमल चौहान, श्रीकांत शाक्य, जितेंद्र चौहान और हरेंद्र नरवरिया के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की है। मौके से स्प्लेंडर, स्प्लेंडर प्लस, प्लेटिना और बिना नंबर की स्कूटी जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है।
कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद बीजेपी कार्यकर्ता भउआपुरा थाने पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई और प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए सेवढ़ा एसडीओपी अजय चानना भी थाने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं से बातचीत की, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
सुरेंद्र चौहान ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि वह अपने घर में सो रहे थे और पुलिस ने उन्हें वहां से उठाकर जबरन गाड़ी में बैठाया। चौहान ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जुआ खेलने से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने पुलिस टीम के खिलाफ आवेदन देने और मेडिकल कराने की बात कही है। उनका कहना है कि सुनवाई नहीं हुई तो वह एसपी की जनसुनवाई में शिकायत करेंगे।
एसडीओपी अजय चानना ने सुरेंद्र चौहान के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि पुलिस ने सूचना के आधार पर कार्रवाई की और उसके समर्थन में साक्ष्य भी मौजूद हैं। हालांकि चौहान की ओर से दिए गए आवेदन की जांच कराने की बात पुलिस ने कही है। एसडीओपी के मुताबिक यदि जांच में पुलिस की कार्रवाई गलत पाई जाती है तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की है, जबकि पूर्व बीजेपी मंडल अध्यक्ष ने पुलिस पर घर से उठाने और मारपीट के आरोप लगाए हैं। एक तरफ पुलिस अपने पास कार्रवाई के साक्ष्य होने का दावा कर रही है, वहीं चौहान पुलिस की कार्रवाई को गलत बता रहे हैं। ऐसे में अब दोनों पक्षों की शिकायत और पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।