घनश्याम पिनोरिया, आशुतोष तिवारी (सोर्स- एआई जनरेटेड इमेज)
दतिया

दतिया को जल्द मिल सकता है नया जिला अध्यक्ष; घनश्याम पिनोरिया और आशुतोष तिवारी का नाम रेस में आगे

BJP Action Datia By Election: हार के बाद भाजपा में बड़ा भूचाल, भितरघात और निष्क्रियता के आरोपों की जांच करेगी दो सदस्यीय समिति, घनश्याम पिरोनिया और आशुतोष तिवारी जिलाध्यक्ष की रेस में आगे।

सुधीर दंडोतिया, सजल रघुवंशी

Datia BJP District President Race: दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सख्त रुख अपनाते हुए पूरे दतिया जिला संगठन को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। संगठन की ओर से जिलाध्यक्ष, जिला कार्यकारिणी, सभी मोर्चों, प्रकोष्ठों, मंडलों और विभागों की जिला स्तरीय टीमों को हटाने का फैसला लिया गया है।

पार्टी का मानना है कि उपचुनाव में मिली शिकस्त केवल राजनीतिक कारणों से नहीं, बल्कि संगठनात्मक कमजोरी और अनुशासनहीनता का भी परिणाम रही। इसी के चलते प्रदेश नेतृत्व अब पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं को कड़ा संदेश देने की तैयारी में है।

पार्षदों पर भितरघात और निष्क्रियता के आरोप

प्रदेश संगठन को मिली शिकायतों में सामने आया है कि चुनाव के दौरान शहरी क्षेत्र में भाजपा का प्रदर्शन उम्मीद से काफी कमजोर रहा। आरोप है कि कई भाजपा पार्षदों ने पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में सक्रिय प्रचार नहीं किया और कोर वोटरों को मतदान केंद्र तक लाने के लिए भी गंभीर प्रयास नहीं किए। संगठन को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ स्थानीय नेताओं और पार्षदों ने पार्टी के लिए काम कर रहे समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने का प्रयास किया। माना जा रहा है कि इसी निष्क्रियता और कथित भितरघात के कारण भाजपा को शहरी क्षेत्र में भारी नुकसान उठाना पड़ा, जबकि कांग्रेस ने यहां बड़ी बढ़त हासिल की। वहीं, महिला मतदाताओं की अपेक्षाकृत कम भागीदारी के चलते ‘लाडली बहना‘ योजना का राजनीतिक लाभ भी भाजपा को नहीं मिल सका।

दो सदस्यीय जांच समिति करेगी पड़ताल

चुनाव में कथित भितरघात और संगठनात्मक विफलताओं की जांच के लिए बीजेपी ने दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसमें सागर संभागीय प्रभारी गौरव रणदिवे और चंबल संभाग के पूर्व संगठन मंत्री अंबाराम कराड़ा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति जल्द ही दतिया पहुंचकर स्थानीय नेताओं, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से चर्चा करेगी। रिपोर्ट मिलने के बाद जिन नेताओं या जनप्रतिनिधियों की भूमिका संदिग्ध पाई जाएगी, उनके खिलाफ संगठनात्मक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नए जिलाध्यक्ष के लिए दो नाम सबसे आगे

दतिया जिले में संगठन को दोबारा मजबूत करने के लिए नए जिलाध्यक्ष की तलाश भी तेज हो गई है। इस दौड़ में भांडेर के पूर्व विधायक घनश्याम पिरोनिया और हाल ही में उपचुनाव लड़ चुके आशुतोष तिवारी के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं।

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माना जा रहा है कि दलित वोट बैंक को फिर से भाजपा के साथ जोड़ने के लिए घनश्याम पिरोनिया पर दांव लगाया जा सकता है, जबकि आशुतोष तिवारी को जिम्मेदारी देकर पार्टी क्षेत्र में नए नेतृत्व और संगठन को मजबूत करने का संदेश देना चाहती है। अंतिम निर्णय प्रदेश नेतृत्व की समीक्षा और संगठनात्मक रणनीति के आधार पर लिया जाएगा।

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