गुप्तेश्वर महादेव मंदिर दतिया (सोर्स- सोशल मीडिया)
दतिया

अद्‌भुत: दतिया के बड़ौनी में गुप्तेश्वर महादेव का चमत्कारी मंदिर, गुफा के अंदर विराजमान हैं स्वयंभू शिवलिंग

Gupteshwar Mahadev Temple Datia: दतिया के बड़ौनी की पहाड़ी पर स्थित गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, कभी चावल के आकार की गुफा में प्रकट हुई पिंडी आज भव्य रूप में विराजमान है।

निशांत तिवारी, सजल रघुवंशी

Gupteshwar Mahadev Temple Datia Special Story: मध्य प्रदेश के दतिया शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर बड़ौनी कस्बे की पहाड़ी पर प्राचीन गुप्तेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। वर्षों पुराना यह मंदिर धार्मिक आस्था और अनोखी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। सावन के महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है।

दूर-दराज से भक्त पहाड़ी की सीढ़ियां चढ़कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं।

गुफा में स्वयं प्रकट हुई थी शिव पिंडी

स्थानीय मान्यता के अनुसार गुप्तेश्वर महादेव की पिंडी किसी व्यक्ति द्वारा स्थापित नहीं की गई, बल्कि यह प्राकृतिक रूप से गुफा के भीतर प्रकट हुई थी। श्रद्धालुओं का मानना है कि पिंडी शुरुआत में चावल के आकार की थी। समय के साथ इसका स्वरूप बढ़ता गया और इसके साथ गुफा का आकार भी बढ़ता गया। वर्तमान में शिव पिंडी गुफा के अंदर बड़े स्वरूप में विराजमान है। भक्त गुफा के भीतर जाकर भगवान गुप्तेश्वर महादेव के दर्शन करते हैं।

शिवलिंग पर जल-दूध नहीं, चढ़ाया जाता है सिंदूर का चोला

गुप्तेश्वर महादेव मंदिर की सबसे खास धार्मिक परंपराओं में से एक यहां शिव पिंडी को सिंदूर का चोला चढ़ाना है। आमतौर पर शिव मंदिरों में श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करते हैं, लेकिन यहां भगवान भोलेनाथ को सिंदूर का चोला चढ़ाने की परंपरा निभाई जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार पिंडी के प्रकट होने के समय से ही यह परंपरा चली आ रही है और आज भी श्रद्धालु इसे पूरी आस्था के साथ निभाते हैं।

नंदी के कान में कहते हैं मनोकामना

श्रावण मास के दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन भी होता है। महिला, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर परिसर में नंदी महाराज की प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। भक्त नंदी के कान में अपनी मनोकामना कहते हैं। मान्यता है कि नंदी महाराज भक्तों की प्रार्थना सीधे भगवान शिव तक पहुंचाते हैं। प्राचीन गुफा, स्वयंभू शिव पिंडी और अनोखी पूजा परंपरा के कारण गुप्तेश्वर महादेव मंदिर दतिया की धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।

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