अधिकारियों को अपनी समस्या बताते पदाधिकारी  फोटो सोर्स- नवभारत
छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा: थानों में महीनों से खड़े 400-500 जब्त वाहन, ट्रक-ट्रैक्टर एसोसिएशन ने की जल्द कार्रवाई की मांग

Chhindwara Truck Tractor Association : छिंदवाड़ा में खनन कार्रवाई में जब्त 400-500 ट्रक-ट्रैक्टर महीनों से थानों में खड़े होने का दावा है। एसोसिएशन ने जल्द कार्रवाई और वाहन छोड़ने की मांग की।

मनीष तिवारी, प्रीतेश जैन

Chhindwara Seized Vehicles : छिंदवाड़ा जिले के अलग-अलग थाना परिसरों में पिछले कई महीनों से बड़ी संख्या में ट्रैक्टर, ट्रक और डंपर खड़े हैं। ट्रक-ट्रैक्टर एसोसिएशन का दावा है कि खनन और अवैध परिवहन के मामलों में कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए करीब 400 से 500 वाहन अभी भी पुलिस की अभिरक्षा में खड़े हैं। गुरुवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

एसोसिएशन ने मांग की है कि खनिज विभाग जब्त वाहनों के मामलों में जल्द कानूनी कार्रवाई पूरी करे और प्रक्रिया पूरी होने के बाद वाहनों को उनके मालिकों को सौंपा जाए। पदाधिकारियों का आरोप है कि खनिज विभाग के अलावा परिवहन विभाग की ओर से भी कार्रवाई की जाती है, जिससे वाहन मालिकों की परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने परिवहन विभाग की कार्रवाई पर भी रोक लगाने की मांग की है।

आठ दिन में कार्रवाई की मांग

ट्रक-ट्रैक्टर एसोसिएशन का कहना है कि अवैध परिवहन के मामले में जब्त किसी भी वाहन पर अधिकतम आठ दिनों के भीतर जरूरी कानूनी कार्रवाई पूरी होनी चाहिए। पदाधिकारियों के मुताबिक प्रदेश के दूसरे जिलों में कई मामलों में तीन दिन के भीतर प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है, जबकि छिंदवाड़ा जिले में कुछ वाहन महीनों से कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

वाहन खड़े, किश्त और परिवार का खर्च जारी

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि वाहनों के लंबे समय तक थानों में खड़े रहने से मालिकों और वाहन चालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। वाहन मालिकों पर बैंक की किश्त जमा करने का दबाव बना रहता है, जबकि वाहन नहीं चलने से आमदनी बंद हो जाती है। वहीं, वाहन चालकों के परिवार के भरण-पोषण पर भी इसका सीधा असर पड़ता है।

वैध रॉयल्टी वाले वाहनों को भी रोकने का आरोप

एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार वैध रॉयल्टी होने के बावजूद वाहनों को रोककर थाने में खड़ा कर दिया जाता है। संगठन ने ऐसे वाहनों को तत्काल छोड़ने की मांग की है। साथ ही रेत, गिट्टी और पुराव की खदानों के ठेकेदारों को निर्देश देने की मांग की गई है कि हर ट्रिप में वाहन में लोड की गई सामग्री की मात्रा के अनुसार वैध रॉयल्टी उपलब्ध कराई जाए।

खदान संचालकों पर भी कार्रवाई की मांग

पदाधिकारियों का कहना है कि यदि खदान संचालक वाहन मालिकों को नियमानुसार रॉयल्टी उपलब्ध नहीं कराते हैं तो कार्रवाई वाहन मालिकों के बजाय संबंधित खदान संचालकों पर भी होनी चाहिए। एसोसिएशन ने प्रशासन से जब्त वाहनों के मामलों का जल्द निराकरण करने और कार्रवाई की स्पष्ट समय-सीमा तय करने की मांग की है।

सपा नेता सिनोद शाक्य को BJP ने बनाया प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही लिस्ट

Hotel Room Safety: होटल में चेक-इन करते ही करें ये 10 जरूरी काम, सुरक्षा में न करें लापरवाही

गुवाहाटी के होटल में अंधाधुंध फायरिंग, गोलीबारी में 6 लोगों की मौत; सामने आया खौफनाक VIDEO

SIR पर विपक्ष के प्रदर्शन के जवाब में सड़क पर उतरेंगे केंद्रीय मंत्री! क्या है BJP का प्लान?

SIR के तीनों आदेश सर्वसम्मति से लिए गए, चुनाव आयोग का सुप्रीम कोर्ट में जवाब