Vishwas Sarang on Digvijaya Singh : मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर तीखा हमला बोला है। सारंग ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह लगातार सनातन धर्म और हिंदू समाज को लेकर आपत्तिजनक बयानबाजी करते हैं। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को सनातन धर्म या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
विश्वास सारंग ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह जाकिर नाइक जैसे व्यक्ति को हीरो बताते हैं और उसके मंच को साझा कर चुके हैं। सारंग ने कहा कि जो व्यक्ति ऐसे लोगों का समर्थन करता हो, उसे सनातन धर्म के बारे में किसी तरह का सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दिग्विजय सिंह के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए भी उन पर निशाना साधा।
मंत्री सारंग ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह ने सनातन धर्म को अपमानित करने की ‘सुपारी’ ले रखी है। उन्होंने दावा किया कि दिग्विजय सिंह के बयानों से हिंदू धर्म और देश के मान-सम्मान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश होती है। सारंग इससे पहले भी दिग्विजय सिंह पर सनातन धर्म, हिंदू त्योहारों और साधु-संतों के अपमान का आरोप लगा चुके हैं।
विश्वास सारंग ने कांग्रेस और दिग्विजय सिंह पर राम मंदिर के निर्माण का विरोध करने और रामसेतु को लेकर कथित तौर पर उसे तोड़ने का षड्यंत्र रचने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं के प्रमाणपत्र की सनातन धर्म या देश को जरूरत नहीं है।
RSS को लेकर दिग्विजय सिंह के बयानों पर पलटवार करते हुए सारंग ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देशभक्तों का समूह है और उसे दिग्विजय सिंह के किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के आरोप लगाकर किसी विचारधारा को बदनाम नहीं किया जा सकता।
मंत्री विश्वास सारंग ने दिग्विजय सिंह को राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए धर्म और राष्ट्र से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर बयानबाजी से बचने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि ऐसे विषयों पर नेताओं को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन यात्रा’ और RSS को लेकर उनके बयानों के बीच सारंग का यह पलटवार मध्यप्रदेश की सियासत में नई बयानबाजी का कारण बन सकता है।