

Digvijaya Singh Hindu Persian Word : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सनातन धर्म और ‘हिंदू’ शब्द को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वेदों और उपनिषदों में ‘हिंदू’ शब्द का कोई जिक्र नहीं है और यह एक फारसी शब्द है। दिग्विजय सिंह ने इसी आधार पर RSS और विनायक दामोदर सावरकर पर सनातन धर्म को हिंदुत्व के नाम पर बिगाड़ने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सनातन धर्म का मूल विचार सर्वधर्म समभाव और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि वेदों और उपनिषदों में ‘हिंदू’ शब्द का उल्लेख नहीं मिलता। उनके मुताबिक, ‘हिंदू’ फारसी शब्द है। उन्होंने सनातन धर्म और हिंदुत्व को अलग-अलग बताते हुए कहा कि धर्म के मूल स्वरूप को राजनीतिक विचारधारा के साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। दिग्विजय ने अपने बयान में सनातन परंपरा के मूल विचारों का भी जिक्र किया।
दिग्विजय सिंह ने RSS और सावरकर पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों ने सनातन धर्म को हिंदुत्व के नाम पर बिगाड़ दिया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों में सर्वधर्म समभाव और सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना थी। दिग्विजय ने गांधी के ‘रघुपति राघव राजा राम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यही सनातन परंपरा की भावना है।
दिग्विजय सिंह ने इसी विचार को आगे बढ़ाने के लिए 20 अक्टूबर से ‘सत्य सनातन स्वाभिमान पदयात्रा’ निकालने की घोषणा की है। यह यात्रा उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या के रामलला मंदिर तक करीब 1000 किलोमीटर की होगी। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा उन लोगों के खिलाफ है जो धर्म के नाम पर धन कमा रहे हैं और धर्म का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं।
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण और चंदे को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे में 200 से 300 करोड़ रुपए की हेराफेरी हुई है। उन्होंने मंदिर में कैश, विदेशी करेंसी और सोने-चांदी की चोरी का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इन मामलों में SIT जांच के दौरान आरोपियों ने चोरी कबूल की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चोरी से जुड़े सबूतों को छिपाने के लिए आठ महीने की CCTV फुटेज डिलीट कर दी गई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने 1989 के रामशिला पूजन का जिक्र करते हुए विश्व हिंदू परिषद से उस समय जुटाए गए चंदे का हिसाब भी मांगा। उन्होंने दावा किया कि उस समय करीब 1400 करोड़ रुपए जुटाए गए थे और चांदी की ईंटें भी एकत्र की गई थीं। दिग्विजय ने इनका हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।
80 वर्ष की उम्र में 1000 किलोमीटर की पदयात्रा करने के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने अंग्रेजी कहावत ‘ए मैन इज एज ओल्ड एज ही फील्स’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर वे खुद को 50 साल का महसूस करते हैं तो किसी को इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। दिग्विजय के इन बयानों पर राहुल गांधी ने भी आपत्ति जताई है।