Shivraj Singh Chouhan book Apnapan: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता को लेकर अपनी पुस्तक 'अपनापन' में विस्तार से लिखा है। शिवराज सिंह चौहान ने पुस्तक में प्रधानमंत्री मोदी की निर्णय क्षमता, योजनाओं के क्रियान्वयन और कार्य के प्रति उनके दृष्टिकोण की खुलकर सराहना की है।
किताब में शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि यदि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली को तीन शब्दों में बताना हो तो वे होंगे - गहराई से विचार, सटीकता और सफलता। उन्होंने कहा कि मोदी वह देखते हैं, जो अधिकांश लोग अनदेखा कर देते हैं। पूछते हैं कि क्या योजना का अंतिम चरण सफल हुआ? क्या नागरिक तक योजना की जानकारी पहुंची ? मोबाइल पर फॉर्म कैसा दिखता है? हेल्पलाइन पर अधूरी शिकायत दर्ज तो नहीं रह गई? सार यह है कि ऐसी मानसिकता सूक्ष्म विवरणों को जोड़कर बड़े परिणामों को निश्चित करती है।
उन्होंने पुस्तक में उल्लेख किया कि मोदी अस्पष्ट वाक्य स्वीकार नहीं करते, जैसे- 'जितनी जल्दी हो सके।' उनके सवाल होते हैं- 'किस तारीख तक ? कौन जिम्मेदार है?' वे सच्चे आंकड़े चाहते हैं। छोटे लक्ष्य पूरे हों, बड़े लक्ष्य अधूरे न रहें। इसी वजह से उनके प्रश्न छोटे और सटीक होते हैं। इससे समय बचता है और भ्रम भी दूर होता है।
शिवराज ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए सफलता का अर्थ केवल घोषणाएं करना नहीं है, बल्कि उनके लिए सफलता का मतलब है वादों को निभाना, परिणामों को धरातल तक पहुंचाना। उनके लिए सफलता वही है, जो हर घर तक पहुंचे, वही सड़क, जो बरसात में भी टिकी रहे, वही एटीएम, जो दूरदराज के ब्लॉक में भी काम करे।
केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि मोदीजी की दृष्टि में हमेशा एक और बाधा हटानी होती है, एक और कदम आसान बनाना होता है और यही कारण है कि उनकी योजनाएं आखिरी व्यक्ति तक पहुंचती हैं। मोदी अकसर शांत स्वभाव से निर्णय लेते हैं। इसलिए वे हमेशा कहते हैं कि आगे की योजना बनाओ, विस्तृत योजना बनाओ।
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'अपनापन' में शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि मोदी हर छोटी-से-छोटी जानकारी, हर फीडबैक और हर वास्तविक परिस्थिति पर गहरी नजर रखते हैं। कई बार मोदीजी को मैंने चर्चा के बीच कहते सुना है कि चलो, राज्य की टीमों से एक बार फिर पूछ लेते हैं, शायद कुछ ऐसा हो, जो हमसे छूट गया हो।