एनएसजी मॉक ड्रिल (सोर्स- सोशल मीडिया) 
भोपाल

MP News: तेज तर्रार और एकदम सटीक...भोपाल में NSG की हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल, बंसल वन में किया अभ्यास

Bansal One Tower Security Drill: भोपाल में सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी और आपसी तालमेल का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। बंसल वन बिल्डिंग में NSG कमांडो ने हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल का आयोजन किया।

सजल रघुवंशी

NSG Mock Drill Bhopal: राजधानी भोपाल में मंगलवार को सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी और आपसी तालमेल का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास बंसल वन बिल्डिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) कमांडो ने हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल का आयोजन किया, जिसमें आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखा गया।

इस अभ्यास में बहुमंजिला इमारत में आतंकियों के घुसपैठ जैसी काल्पनिक लेकिन गंभीर स्थिति को वास्तविक रूप देकर प्रस्तुत किया गया, जिससे असली हालात में तेज और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। ड्रिल के दौरान एनएसजी कमांडो ने आतंकियों को निष्क्रिय करने, बंधकों को सुरक्षित बाहर निकालने और इमारत के भीतर नियंत्रण स्थापित करने जैसे चुनौतीपूर्ण ऑपरेशनों का अभ्यास किया।

पिछले एक महीने से चल रही थी ट्रेनिंग

यह पूरी कवायद पिछले एक महीने से चल रहे विशेष प्रशिक्षण का हिस्सा थी, जिसका समापन इस मॉक ड्रिल के जरिए किया गया। अभ्यास के दौरान कमांडो की रणनीति, तेजी और सटीकता ने उनकी उच्च स्तर की तैयारी और पेशेवर दक्षता को स्पष्ट रूप से दर्शाया।

ड्रिल के दौरान पूरे क्षेत्र में बढ़ाई सुरक्षा

सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मौके पर बम डिस्पोजल और डिटेक्शन स्क्वॉड की टीम भी तैनात रही। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई, जबकि भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार निगरानी जारी रही।

ट्रेनिंग के दौरान सभी पहलुओं पर किया फोकस

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के ग्रुप कमांडर कर्नल अभिषेक सिंह ने बताया कि पिछले एक महीने से एनएसजी और राज्य पुलिस की काउंटर टेररिज्म यूनिट्स के बीच संयुक्त प्रशिक्षण जारी था। इस ट्रेनिंग में बिल्डिंग इंटरवेंशन, बम निष्क्रिय करने की तकनीक, टैक्टिकल ड्राइविंग, वीआईपी सुरक्षा के साथ-साथ आक्रामक और रक्षात्मक रणनीतियों जैसे अहम पहलुओं पर विशेष फोकस किया गया।

उन्होंने बताया कि इस अभ्यास के लिए दो संभावित स्थान चिन्हित किए गए थे बंसल वन टावर और राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा। इनमें से एक स्थान की जानकारी टीमों को पहले से नहीं दी गई, जिससे वास्तविक परिस्थितियों में उनकी प्रतिक्रिया क्षमता का सटीक आकलन किया जा सके। ऐसे अभ्यास सुरक्षा एजेंसियों को किसी भी संभावित आतंकी खतरे से निपटने के लिए और अधिक सक्षम बनाते हैं।

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