MP Rain Alert : मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर एक्टिव मोड में है। रविवार को प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में एक साथ तीन मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहे। इसके चलते कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। बड़वानी में नदी-नाले उफान पर रहे, जबकि इंदौर, मुरैना, रतलाम समेत कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। लंबे समय से कम बारिश वाले इंदौर-उज्जैन संभाग में भी सिस्टम सक्रिय होने से बारिश हुई है।
मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, मध्य प्रदेश में तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनमें लो प्रेशर एरिया यानी निम्न दबाव क्षेत्र के साथ ट्रफ भी शामिल हैं। इनके प्रभाव से पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, 14 सितंबर को भी पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग ने सोमवार को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं भोपाल, इंदौर, धार, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, देवास, ग्वालियर, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, सागर, छतरपुर, रीवा, सतना, शहडोल समेत कई जिलों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि निम्न दबाव क्षेत्र राजस्थान-गुजरात की दिशा में आगे बढ़ेगा। इस दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश का असर बना रह सकता है। हालांकि 15 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश की तीव्रता और दायरा धीरे-धीरे कम होने का अनुमान है। अगले सात दिनों में पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश जारी रह सकती है।
प्रदेश में अभी भी कई जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। पूर्वी हिस्से के बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में 2 से 25 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में बारिश की कमी 7 से 52 प्रतिशत तक है। इनमें इंदौर, धार, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, नीमच, बड़वानी, रतलाम, सीहोर, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिले शामिल हैं।
दूसरी ओर अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। बारिश के नए दौर से पश्चिमी जिलों में बारिश के आंकड़ों में सुधार की उम्मीद है।