MP Police Recruitment Board: मध्य प्रदेश में राज्य सरकार पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में जल्द ही 'पुलिस भर्ती बोर्ड' का गठन किया जाएगा। इस बोर्ड के माध्यम से पुलिस के साथ-साथ जेल, फॉरेस्ट, ट्रांसपोर्ट और एक्साइज सहित अन्य विभागों में रिक्त पदों को भरा जाएगा।
गृह विभाग ने इस नए बोर्ड के गठन की पूरी तैयारी कर ली है। आगामी माह जुलाई में इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। फिलहाल बोर्ड के लिए वित्त विभाग ने 95 पदों को स्वीकृति प्रदान की है, जबकि गृह विभाग ने 200 पदों की मांग की थी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पिछले साल 15 अगस्त 2025 को पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की ऐतिहासिक घोषणा की थी। इस घोषणा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में 21 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती करना था। अब इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है और गृह विभाग का लक्ष्य है कि इस वर्ष 15 अगस्त 2026 से पहले यह बोर्ड पूरी तरह अस्तित्व में आ जाए।
सभी वर्दीधारी भर्तियां एक छत के नीचे: अभी तक पुलिस कॉन्स्टेबल और एसआई की भर्ती कर्मचारी चयन बोर्ड (ESB) द्वारा की जाती रही है। नया बोर्ड बनने के बाद जेल प्रहरी, फॉरेस्ट गार्ड, फायर सर्विसेज, ट्रांसपोर्ट और आबकारी जैसी सभी महत्वपूर्ण भर्तियों का जिम्मा अब इसी बोर्ड का होगा।
ईएसबी (ESB) पर कम होगा बोझ: यह नया बोर्ड ईएसबी के समानांतर काम करेगा, जिससे ईएसबी पर परीक्षाओं का अतिरिक्त लोड कम हो जाएगा। इससे भविष्य में भर्ती परीक्षाओं के परिणाम समय पर घोषित हो सकेंगे और पुलिस विभाग को भी बार-बार बाहरी मदद नहीं लेनी पड़ेगी।
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यूपी-गुजरात मॉडल पर आधारित: मध्य प्रदेश का यह पुलिस भर्ती बोर्ड पूरी तरह से आधुनिक ड्राफ्ट पर आधारित है। इसे तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में दशकों से सफलतापूर्वक चल रहे पुलिस भर्ती बोर्ड के मॉडल के अनुरूप तैयार किया गया है।