

Rameshwar Sharma Statement: भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने सोमवार को वीर भारत न्यास, जर्जर मकानों की स्थिति और छिंदवाड़ा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को लेकर लगे पोस्टरों के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। वहीं कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने भी कमलनाथ से जुड़े पोस्टर मामले पर बयान दिया।
वीर भारत न्यास को लेकर रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के 10 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे हैं और वे सरकारी दस्तावेजों को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि वीर भारत न्यास एक सरकारी न्यास है। शर्मा का कहना था कि दिग्विजय सिंह के बयान से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को वास्तविक स्थिति समझ में आ जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जीतू पटवारी ने वीर भारत न्यास को लेकर तथ्यहीन आरोप लगाए हैं।
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच जर्जर मकानों के मुद्दे पर रामेश्वर शर्मा ने लोगों से अपील की कि जिन मकानों की स्थिति खराब है, उनमें रहने वाले लोग अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे भवनों को छोड़ दें। उन्होंने नागरिकों से नगर निगम और जिला प्रशासन को इसकी सूचना देने की भी अपील की। साथ ही कहा कि जिला प्रशासन और नगर निगम न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए आवश्यक कार्रवाई करें।
वहीं छिंदवाड़ा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को लेकर लगे कथित "लापता विधायक" पोस्टरों पर प्रतिक्रिया देते हुए रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कमलनाथ रहें या नहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के बताए कार्यों को प्राथमिकता से करेगी और कमलनाथ एक वरिष्ठ नेता हैं, इसलिए उनका अपमान करने का सवाल ही नहीं उठता।
इधर कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कमलनाथ को लेकर लगे पोस्टरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये पोस्टर भाजपा के लोगों द्वारा लगवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कमलनाथ स्वास्थ्य कारणों से बाहर हैं। पीसी शर्मा ने कहा कि यदि कमलनाथ की सरकार पांच वर्ष तक रहती तो पूरे मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा मॉडल पर विकास होता। उन्होंने पोस्टर लगाने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी आलोचना की।