लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की घोषणाएं, इलाज से लेकर तीर्थ दर्शन तक मिलेगी सुविधाएं

CM Mohan Yadav Announcement : भोपाल में लोकतंत्र सेनानियों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुफ्त इलाज, एयर एंबुलेंस, तीर्थ दर्शन, सरकारी विश्राम गृह और अन्य कई सुविधाओं की घोषणा की है।
MP Democracy Fighters Benefits
सम्मान समारोह (फोटो सोर्स- नवभारत)
Updated on

MP Democracy Fighters Benefits : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के प्रादेशिक सम्मेलन में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों का सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों और उनके आश्रितों के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाओं की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार उनके योगदान का सम्मान करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का देश पर ऐसा ऋण है जिसे कभी चुकाया नहीं जा सकता।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि लोकतंत्र सेनानियों के उपचार का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस की सुविधा भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

लोकतंत्र सेनानियों को दिए जाएंगे ताम्रपत्र

सीएम मोहन यादव ने कहा कि दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों की स्मृति में शिलालेख स्थापित किए जाएंगे। उनके नाम पर सार्वजनिक भवनों, पार्कों और सड़कों का नामकरण भी किया जाएगा। साथ ही सभी शासकीय कार्यालयों में लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानपूर्वक प्राथमिकता देने और उनके सुझावों को गंभीरता से सुनने के निर्देश अधिकारियों को दिए जाएंगे। इसके अलावा सभी सेनानियों को ताम्रपत्र प्रदान किए जाएंगे तथा सम्मान निधि प्राप्त करने वाले सेनानियों के लिए बैंक या शाखा बदलने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत उनके लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की जाएगी तथा सरकारी विश्राम गृहों में दो दिन तक निःशुल्क ठहरने की सुविधा भी दी जाएगी।

आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि उस दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया गया और अनेक लोगों को जेल में डाल दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता भी आपातकाल के दौरान 19 महीने तक जेल में रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि लोकतंत्र सेनानियों ने संघर्ष नहीं किया होता तो आज भारत का लोकतंत्र इतना मजबूत नहीं होता।

सम्मान निधि को आयकर मुक्त करने का सुझाव

सम्मेलन में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली 30 हजार रुपये की सम्मान निधि को आयकर मुक्त करने का सुझाव दिया। वहीं लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी ने आपातकाल को लोकतंत्र की दूसरी आजादी का आंदोलन बताते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का महत्वपूर्ण संघर्ष बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 96 वर्षीय लक्ष्मी नारायण पाटीदार, 95 वर्षीय शांतिलाल संघवी तथा पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता सहित कई लोकतंत्र सेनानियों का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया।

Navbharat Live
navbharatlive.com