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भोपाल

मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक करीब, 42 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कुछ जिलों में हीटवेव का असर

Madhya Pradesh Rain Alert : MP में अगले 2 से 3 दिनों में मानसून की एंट्री हो सकती है। मौसम विभाग ने 42 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ जिलों में गर्मी और हीटवेव का असर बना हुआ है।

प्रीतेश जैन

MP Monsoon Entry: मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री अब बेहद करीब है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून राज्य में प्रवेश कर सकता है। इसकी शुरुआत बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा क्षेत्र से होने की संभावना जताई गई है। मानसून आने से पहले प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं, जिसके चलते कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।

बुधवार के लिए मौसम विभाग ने राज्य के 42 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, इंदौर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कई जिलों में मौसम बदल सकता है।

कुछ जिलों में गर्मी का असर

ज्यादातर जिलों में आंधी-बारिश के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने नरसिंहपुर में हीटवेव की चेतावनी जारी की है। वहीं ग्वालियर-चंबल और मालवा क्षेत्र के कई जिलों, जिनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा शामिल हैं, वहां तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है।

कई जिलों में बारिश

मंगलवार को भी कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बालाघाट में सबसे अधिक करीब सवा इंच और रायसेन में लगभग पौन इंच वर्षा हुई। इसके अलावा इंदौर, धार, नर्मदापुरम, खरगोन, राजगढ़, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और बड़वानी सहित कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

बारिश से गिरा तापमान

आंधी और बारिश की वजह से अधिकांश जिलों में दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दूसरी ओर दतिया और सीधी सबसे गर्म रहे, जहां पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बड़े शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री, इंदौर का 33.9 डिग्री, उज्जैन का 34.8 डिग्री, जबलपुर का 35.4 डिग्री और ग्वालियर का 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

53% कम हुई बारिश

मानसून के निर्धारित समय से देरी से पहुंचने का असर जून की बारिश पर साफ दिखाई दे रहा है। एक जून से अब तक प्रदेश में औसतन 78.5 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 37.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस तरह राज्य में सामान्य से करीब 53 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर सहित अधिकांश जिलों में वर्षा का आंकड़ा औसत से नीचे बना हुआ है।

खेती पर पड़ रहा कम बारिश का असर

कम बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसल सोयाबीन की बुवाई कई क्षेत्रों में पीछे चल रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बुवाई के लिए पर्याप्त नमी जरूरी होती है, जो लगभग चार इंच बारिश के बाद ही बन पाती है। फिलहाल भोपाल ऐसा जिला है, जहां चार इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है।

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