

Fire Brigade Coaching Safety Check Gwalior: दिल्ली और लखनऊ में कोचिंग सेंटरों में आग लगने की घटनाओं के बाद ग्वालियर नगर निगम अलर्ट मोड में आ गया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम के फायर ब्रिगेड दस्ते ने शहरभर के कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है।
छापामार कार्रवाई के दौरान कई संस्थानों में फायर सेफ्टी के नियमों का उल्लंघन सामने आया है। कुछ जगह एक्सपायर और खाली फायर सिलेंडर मिलने पर निगम ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया।
नगर निगम की टीम ने कार्रवाई की शुरुआत शहर के एक प्रमुख कोचिंग संस्थान से की। निरीक्षण के दौरान वहां लगाए गए कई फायर सिलेंडरों की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी। इसके अलावा कुछ सिलेंडर पूरी तरह खाली पाए गए, जो किसी भी आपात स्थिति में बेकार साबित होते। फायर सेफ्टी के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए निगम अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संस्थान को सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
नगर निगम की जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। ग्वालियर शहर में 500 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनमें से केवल तीन संस्थानों के पास ही फायर विभाग की वैध एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) है। बाकी अधिकांश संस्थान बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे में हजारों छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि आग जैसी आपात स्थिति में इन संस्थानों में बड़ा हादसा हो सकता है।
छापेमारी की सूचना मिलते ही कई कोचिंग संचालकों ने अपने संस्थान बंद कर दिए और शटर गिराकर मौके से निकल गए। नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी संस्थान को नियमों की अनदेखी नहीं करने दी जाएगी। निगम प्रशासन ने सभी कोचिंग संचालकों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर फायर सेफ्टी संबंधी सभी आवश्यक इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए हैं।
चेतावनी दी गई है कि तय समय सीमा में नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों को सील किया जाएगा और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। इससे शहर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सख्ती साफ दिखाई दे रही है।