MP Government Zero Tolerance Policy: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने कानून के शासन और सुशासन को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने "जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत सोम डिस्टिलरीज समूह की इकाइयों के वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत आबकारी लाइसेंस नवीनीकरण आवेदनों को निरस्त कर दिया है।
इस कार्रवाई के प्रमुख बिंदुओं पर नजर डालें तो पता चलता है कि इसमें सरकार ने सिर्फ एक ही फैक्टर पर काम नहीं किया बल्की सभी फैक्टर पर काम किया है। लाइसेंस नवीनीकरण निरस्त की कार्रवाई करते हुए समूह की इकाइयों द्वारा प्रस्तुत किए गए नवीनीकरण के आवेदनों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा खारिज कर दिया गया है। जीरो टॉलरेंस नीति अब सरकार का यह निर्णय भ्रष्टाचार, अवैध कारोबार, राजस्व की चोरी और जनहित के प्रतिकूल किसी भी गतिविधि के प्रति सरकार के सख्त रुख को दर्शाता है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि कानून से ऊपर कोई नहीं प्रदेश में कानून का निष्पक्ष अनुपालन अनिवार्य है और कोई भी संस्था कानून से ऊपर नहीं है।
आबकारी आयुक्त द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि लाइसेंस का नवीनीकरण कोई स्वचालित प्रक्रिया नहीं है। यह निर्णय लेने से पहले विस्तृत विधिक परीक्षण किया गया, जिसके मुख्य कारण निम्नलिखित रहे:
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह कार्रवाई प्रदेश में निवेश और उद्योग को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ एक पारदर्शी और जवाबदेह माहौल तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार का लक्ष्य ऐसे उद्योगों को प्रोत्साहित करना है जो कानून के दायरे में रहकर कार्य करते हैं, जबकि कानून की अवहेलना करने वाली संस्थाओं के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।