मंत्रियों और अफसरों के नई गाड़ी खरीदने पर लगी रोक फोटो सोर्स- AI
भोपाल

MP में मंत्रियों-अफसरों की नई गाड़ियों की खरीद पर 6 महीने की रोक, फिजूलखर्ची पर भी सरकार का शिकंजा

MP Government Financial Discipline : MP सरकार ने मंत्रियों और वरिष्ठ अफसरों की नई गाड़ियों की खरीद पर छह महीने की रोक लगा दी है। दफ्तरों की सजावट, महंगे उपकरण और अनावश्यक खर्चों पर भी अंकुश लगाया गया।

सुधीर दंडोतिया, प्रीतेश जैन

MP Government New Vehicle Ban : मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासनिक खर्चों में कटौती और वित्तीय अनुशासन को लेकर सख्त कदम उठाया है। राज्य सरकार ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए नई गाड़ियों की खरीद पर अगले छह महीने तक रोक लगा दी है। इसके साथ ही सरकारी दफ्तरों की साज-सज्जा, महंगे उपकरणों की खरीद और अनावश्यक यात्राओं जैसे खर्चों पर भी अंकुश लगाया गया है।

वित्त विभाग के नए निर्देशों के मुताबिक विभाग अब ऐसे खर्च नहीं कर सकेंगे, जिनके लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत पड़े। केवल मौजूदा योजनाओं में उपलब्ध बचत राशि से पूरे किए जा सकने वाले खर्चों को ही अनुमति दी जाएगी। अतिरिक्त बजट की मांग करने वाले प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिलेगी।

नई गाड़ियों के प्रस्ताव नहीं होंगे स्वीकार

मध्य प्रदेश वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि मंत्रियों और अधिकारियों के लिए नए वाहनों की खरीद से जुड़े प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यह रोक अगले छह महीने तक लागू रहेगी। विभागों को नए आदेश तक उपलब्ध पुरानी गाड़ियों से ही काम चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

दफ्तरों की सजावट और महंगे उपकरणों पर रोक

सरकारी कार्यालयों में सौंदर्यीकरण और साज-सज्जा से जुड़े खर्चों पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा महंगे उपकरणों की खरीद और अधिकारियों की अनावश्यक यात्राओं जैसे खर्चों को भी सीमित किया गया है। वित्त विभाग ने विभागों को गैर-जरूरी खर्चों से बचने के निर्देश दिए हैं।

दिसंबर में पेश होगा द्वितीय अनुपूरक बजट

वित्त वर्ष 2026-27 का द्वितीय अनुपूरक बजट दिसंबर के पहले सप्ताह में शुरू होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। इसके लिए वित्त विभाग ने संबंधित विभागों से प्रस्ताव मांगे हैं। हालांकि, बजट में नए वाहनों की खरीद से जुड़े प्रस्तावों को शामिल नहीं किया जाएगा।

अति-आवश्यक मदों को ही मिलेगी जगह

आगामी अनुपूरक बजट का दायरा सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं। आकस्मिकता निधि से पहले ही अग्रिम स्वीकृति प्राप्त कर चुके चुनिंदा और जरूरी मदों को इसमें शामिल किया जाएगा। केंद्र सरकार से मिलने वाली वित्तीय सहायता या केंद्रीय अनुदान से जुड़े मामलों को भी जगह दी जा सकेगी।

नई योजनाओं और अधूरे प्रस्तावों पर रोक

अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की मांग करने वाली नई योजनाओं को अनुपूरक बजट में मंजूरी नहीं दी जाएगी। जिन प्रस्तावों के पास सक्षम प्रशासनिक मंजूरी नहीं होगी या जिनमें जरूरी जानकारी और पूरा विवरण नहीं होगा, उन्हें अपूर्ण मानकर खारिज किया जाएगा। सरकार के इन निर्देशों से आने वाले महीनों में खर्चों पर नियंत्रण और वित्तीय अनुशासन पर जोर देने के संकेत हैं।

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